अमरोहा : दुष्कर्म में सहयोगी बनने के मामले में महिला को 10 साल की सजा

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Edited By Amrit Vichar
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महिला बहला-फुसला कर अपने घर ले गई थी किशोरी को, नाबालिग होने के कारण आरोपी की पत्रावली किशोर न्यायालय स्थानांतरित 

अमरोहा, अमृत विचार। कोर्ट ने किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने घर ले जाकर एक किशोर से दुष्कर्म कराने के मामले में कोर्ट ने आरोपी महिला को दोषी मानते हुए 10 साल की सजा सुनाई है। आरोपी पर 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले किसान व उसके परिवार के लोग सात मई 2014 को शादी समारोह में गए थे। जबकि, घर पर उसकी नाबालिग बेटी थी। इस बीच पड़ोस में परचून की दुकान चलाने वाली गांव की ही महिला राकेश देवी किसान के घर पहुंची तथा उसकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसला कर अपने घर ले गई थी। जहां उसने किशोरी को कमरे में बंद कर दिया था। सुनियोजित तरीके से उसने पहले ही कमरे में गांव के किशोर को बैठा रखा था। आरोप है कि किशोर ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया।

पीड़िता के पिता की तहरीर पर पुलिस ने दोनों के महिला व किशोर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। किशोर को बाल सुधार गृह और महिला राकेश देवी को जेल भेज दिया था। दोनों ही फिलहाल जमानत पर जेल से बाहर है। नाबालिग होने के कारण आरोपी की पत्रावली किशोर न्यायालय स्थानांतरित कर दी गई। जबकि राकेश देवी के मुकदमे की पत्रावली अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/पोक्सो द्वितीय कुसुमलता की अदालत में चल रहा था।

अभियोजन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक पोक्सो नवीन कुमार त्यागी ने पैरवी की। बुधवार को अदालत ने सुनवाई करते हुए राकेश देवी को दोषी मानते हुए जेल भेज दिया था। गुरुवार को सजा के प्रश्न पर सुनवाई हुई। अदालत ने राकेश देवी को 10 साल की सजा और 10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की आधी धनराशि पीड़िता को दी जाएगी।

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