CM योगी ने की समीक्षा बैठक, मेरी माटी - मेरा देश अभियान पर दिए निर्देश
लखनऊ, अमृत विचार। अब से कुछ देर पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने आवास पर एक समीक्षा बैठक की है। इस बैठक में सभी विभागों की प्रमुख सचिव मौजूद रहे। समीक्षा बैठक की दौरान प्रदेश में 9 अगस्त से शुरू होने वाले मेरी माटी - मेरा देश अभियान को लेकर सीएम योगी ने जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने आगामी 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस को पूरे राज्य में वृहद स्तर पर भव्य रूप में मनाने की निर्देश अधिकारियों को दिए।
मिली जानकारी की अनुसार समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने कहा कि मेरी माटी - मेरा देश अभियान में प्रदेश की सभी जिलों को शामिल किया जाए। प्रत्येक गाँव से मिट्टी लाई जाएगी। इसको लेकर अधिकारियों को तैयारियां करने की निर्देश दिए गए हैं।
सीएम योगी ने कहा, आजादी के अमृत वर्ष में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में स्वाधीनता दिवस के अवसर पर ‘मिट्टी को नमन, वीरों का वन्दन’ के संदेश के साथ ‘मेरी माटी-मेरा देश’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा, यह राष्ट्र के प्रति कृतज्ञता ज्ञापन का कार्यक्रम है। राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत इस पुनीत कार्यक्रम में हर उत्तर प्रदेश वासी को सहभागी बनना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा, नौ से 15 अगस्त तक की अवधि के इस कार्यक्रम के अंतर्गत हर ग्राम पंचायत व नगरीय निकाय में शिलाफलकम (स्मारक) स्थापित किया जाना है।
शिलाफलकम पर आजादी के अमृत वर्ष का विजन प्रदर्शित होगा। स्थानीय वीरों, शहीदों का परिचय प्रदर्शित होगा और हर ग्राम व नगर में ‘शिलाफलकम’ का पूरे सम्मान के साथ भव्य कार्यक्रम आयोजित कर लोकार्पण किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वसुधा वंदन करते हुए पौधरोपण किया जाए, वीरों के वंदन के भाव के साथ स्वाधीनता संग्राम सेनानियों, अमर शहीदों के परिजनों का सम्मान किया जाए। योगी ने कहा, अमृत कलश में हर गांव-हर शहर की मिट्टी हो। यह कलश गांव से ग्राम पंचायत, फिर ब्लॉक मुख्यालय होते हुए जिला मुख्यालय पर एकत्रित हो। इसी प्रकार, सभी नगरीय निकायों के कलश जिला मुख्यालय स्थित नगर निगम/नगर पालिका पर एकत्रित हो। इसके बाद ये कलश राज्य की राजधानी लखनऊ पहुंचेंगे और फिर नोएडा होते हुए राजधानी दिल्ली स्थित कर्तव्य पथ पर पूरे देश से आए अमृत कलश के साथ एकत्रित होंगे।
मुख्यमंत्री ने प्रमुख अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी कि वे ‘मेरी माटी-मेरा देश’ कार्यक्रम के व्यवस्थित आयोजन के लिए सभी जिलाधिकारियों से संवाद कर बेहतर कार्ययोजना तैयार कर लें। नौ से 15 अगस्त तक हर दिन का कार्यक्रम तय करें, राष्ट्रभक्ति से परिपूर्ण सांस्कृतिक आयोजन, प्रभात फेरियां, नुक्कड़ नाटक आदि के आयोजन भी किये जायें।
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