रामपुर: आजम खां को राहत नहीं, भड़काऊ भाषण मामले में एक अगस्त को होगी सुनवाई

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

2007 में जनसभा के दौरान आजम खां ने जातिसूचक शब्दों का किया था प्रयोग

रामपुर, अमृतविचार। टांडा थाना क्षेत्र में संबोधन के दौरान आजम खां ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। जिसमें शनिवार को सुनवाई हुई। अभियोजन की ओर से हाईकोर्ट का आदेश कोर्ट में पेश किया। अब इस मामले में एक अगस्त को सुनवाई होगी। इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही है।

मामला साल 2007 का है। विधानसभा चुनावों के प्रचार के दौरान आजम खां टांडा में जनसभा कर रहे थे। जनसभा के बाद बसपा नेता धीरज कुमार शील ने टांडा थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था, आजम खां ने जनसभा को संबोधित करते हुए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।

जिससे दो वर्गों में दुश्मनी पैदा हो सकती है, शत्रुता बढ़ेगी। तहरीर के बाद पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्जकर ली थी। पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही है, जबकि आजम खां पर आरोप तय हो चुके हैं।

कोर्ट ने आजम खां की आवाज का सैंपल लेने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद आजम खां हाईकोर्ट चले गए। उनकी सुनवाई को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। शनिवार को इस मामले में कोर्ट में सुनवाई हुई। अभियोजन की ओर उस आदेश को कोर्ट में पेश किया। इस प्रकरण में एक अगस्त को सुनवाई होगी। एडीजीसी प्रताप मौर्या ने बताया कि आजम खां आवाज का सैंपल नहीं देने के मामले में हाईकोर्ट गए थे। जहां उनके प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया गया।

ये भी पढ़ें:- हेपेटाइटिस उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है पाकिस्तान: आरिफ अल्वी

संबंधित समाचार