मिशन 2024: कील कांटे कसने में जुटी भाजपा और कांग्रेस, सपा ने रफ्तार पकड़ी, BJP ने पसमांदा स्नेहसंवाद यात्रा स्थगित की

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कील कांटे कसने में जुटी भाजपा और कांग्रेस, सपा ने रफ्तार पकड़ी।

कील कांटे कसने में जुटी भाजपा और कांग्रेस, सपा ने रफ्तार पकड़ी। भाजपा ने पसमांदा स्नेहसंवाद यात्रा स्थगित की। वहीं, सपा की साइकिल यात्रा 9 से है।

कानपुर, अमृत विचार। यूपी में लोकसभा चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। हालांकि विपक्षी मोर्चा इंडिया (इंडियन नेशनल डेवलेपमेंटल इन्क्ल्युसिव एलायंस) अभी राज्य में पूरी तरह आकार नहीं ले पाया है। लेकिन समाजवादी पार्टी ने भाजपा के विरुद्ध मुस्लिम, पिछड़ों और दलितों को गोलबंद करने के लिए नौ अगस्त (अगस्त क्रांति) से साइकिल यात्रा निकालेगी।

कांग्रेस फिलहाल संगठन के पुनर्गठन को लेकर कवायद कर रही है। दूसरी तरफ भाजपा की पसमांदा मुस्लिम को जोड़ने की तैयारी में जुटी है। हालांकि एक अगस्त (मंगलवार) से दिल्ली से यूपी प्रवेश की जाने वाली पसमांदा स्नेह संवाद यात्रा किन्हीं अपरिहार्य कारणों से स्थगित कर दी गयी है पर इसे शीघ्र ही निकाला जाएगा। 

समाजवादी पार्टी छात्र सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ इमरान बताते हैं कि साइकिल यात्रा प्रयागराज से निकाली जाएगी। यात्रा के रोड मैप में कानपुर नहीं है। इमरान का कहना है कि यह साइकिल यात्रा देश बचाओ-देश बनाओ के नाम से निकायी जाएगी। पहले चरण में 25 लोकसभा सीटों को कवर किया जाएगा। मुख्य मुद्दा जातीय जनगणना रखा गया है।

दूसरी तरफ सपा के शहर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद ने बताया कि अगस्त माह से पार्टी विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जनता से जुड़ेगी। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के मुख्यमंत्रित्व काल में हासिल उपलब्धियों का ब्यौरा जनता के समक्ष रखेंगे। उन्होंने बताया कि साइकिल यात्रा संबंधी कोई परिपत्र अबतक संगठन को नहीं प्राप्त हुआ है। 

पसमांदा स्नेहयात्रा की बाबत अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कुँअर बासित अली ने बताया कि पसमांदा स्नेह संवाद यात्रा फिलहाल स्थगित कर दी गयी है। जैसे ही कोई तारीख घोषित होती है, सूचना कर दी जाएगी। प्रदेश उपाध्यक्ष सलीम अहमद ने बताया कि 2019 का लोकसभा चुनाव, 2022 का विधानसभा चुनाव और निकाय चुनाव से नतीजों से स्पष्ट है कि मुस्लिम मतदाताओं का रुझान भाजपा की तरफ बढ़ा है।

पसमांदा मुस्लिम को बराबरी का दर्जा दिलाने में पार्टी की सरकार जुटी है। कार्यक्रम किए जा रहे हैं। सलीम कहते हैं कि करीब 45 फीसदी मुस्लिम वोटरों वाली सीट रामपुर में लोकसभा का उपचुनाव जीतकर भाजपा ने साबित किया है कि अल्पसंख्यकों का रुझान किस तरफ है। 

कांग्रेस के पूर्व विधायक भूधरनारायण मिश्रा बताते हैं कि भले ही सरकारी योजनाओं का लाभ देकर पसमांदा मुस्लिम को जोड़ने में मोदी-योगी सरकार जुटी हो और यह भी हो सकता है कि कुछ उसे मिल भी जाए पर मुसलमानों का रुझान विपक्षी गठबंधन की ओर स्पष्ट दिखता है।

भाजपा वोट बांटकर चुनावी लाभ लेना चाहती है जो अबकी संभव न होगा। यूपी करीब 25 लोकसभा सीटों पर मुसलमान वोटर बाजी पलटने की स्थिति में है। अबकी नतीजे चौंकाने वाले आएंगे। पसमांदा वोट हासिल करने की भाजपा की कवायद काम न आएगी

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