Balrampur Hospital: नहीं मिला सुविधा शुल्क तो बच्ची को बिना ऑपरेशन ओटी से निकाला, परिजनों का आरोप
लखनऊ, अमृत विचार। बलरामपुर अस्पताल के चिकित्सक पर मानवता को शर्मसार करने का आरोप लगा है। आरोप है कि ऑपरेशन के नाम पर मांगा गया सुविधा शुल्क न दे पाने पर बच्ची का ऑपरेशन टाल दिया गया। ऑपरेशन की सभी तैयारियां पूरी होने के बावजूद उसे ऑपरेशन थियेटर (ओटी) से बाहर कर दिया गया।
इस मामले में बच्ची के परिजनों ने नाराजगी जताई है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है। बाराबंकी निवासी मनोज यादव की बेटी वंशिका (13) छत से गिरकर जख्मी हो गई थी। उसके पैर की उंगली में फैक्चर हुआ था। बलरामपुर अस्पताल की ओपीडी में सीनियर रेजीडेंट डॉक्टर ने करीब डेढ़ हफ्ते पहले देखा था।
सीनियर रेजीडेंटर ने पहले प्लास्टर के जरिए उंगली ठीक होने की बात कही। प्लास्टर से कोई फायदा न होने पर डॉक्टर ने एक उंगली में तार डालने की बात कही। परिजनों का कहना है कि डॉक्टर ने तार डालने की एवज में तीमारदार से छह हजार रुपए का खर्च बताया। मरीज के भर्ती की फाइल बन गई थी। तीन दिन तक ऑपरेशन के लिए दौड़ाया गया था। ओटी तक ले गए, पैर सुन्न करने बाद उसे ओटी से बाहर निकाल दिया गया। उसे ऑपरेशन
की डेट तक नहीं दी गई। परिजन डॉक्टर से गुहार लगाते रहे मगर कोई सुनवाई न हुई। परिजनों का आरोप है कि वह सुविधा शुल्क के नाम पर मांगी गई रकम नहीं दे पाए इसलिए बच्ची का ऑपरेशन नहीं किया गया। बच्ची की हालत गंभीर होता देख तीमारदार उसे निजी अस्पताल ले जाकर ऑपरेशन कराया है।
इस मामले में परिजनों की तरफ से अस्पताल प्रशासन को कोई शिकायत नहीं की गई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच शुरू करवा दी गई है। यदि आरोप सही मिलते हैं तो कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी...डॉ. अतुल मेहरोत्रा, सीएमएस।
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