मुरादाबाद: साइकोसिस की बीमारी से ग्रसित थे हेड कांस्टेबल!
मुरादाबाद, अमृत विचार। टीएमयू कोविड अस्पताल में पांच मंजिल से कूदकर जान देने वाले कांस्टेबल दिवाकर शर्मा साईकोसिस से ग्रसित थे। यह कहना है स्वास्थ्य विभाग का। विभाग ने इसपर जांच की है और दावा किया है कि इसी बीमारी के कारण अधेड़ उम्र के इस जवान ने खुद की जान ले ली। शनिवार की …
मुरादाबाद, अमृत विचार। टीएमयू कोविड अस्पताल में पांच मंजिल से कूदकर जान देने वाले कांस्टेबल दिवाकर शर्मा साईकोसिस से ग्रसित थे। यह कहना है स्वास्थ्य विभाग का। विभाग ने इसपर जांच की है और दावा किया है कि इसी बीमारी के कारण अधेड़ उम्र के इस जवान ने खुद की जान ले ली।
शनिवार की देर रात दिल्ली रोड के इस अस्पताल में खिड़की से बाहर निकलकर गिरकर पुलिस के इस जवान की मौत हो गई। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग इसे आत्महत्या मान रहा है। आखिरकार इस हेड कांस्टेबल ने यह कदम क्यों उठाया, इसपर स्वास्थ्य विभाग ने जांच की तो हेड कांस्टेबल साईकोसिस बीमारी से ग्रसित पाए गए।
सीएमओ डा. एमसी गर्ग ने बताया कि हेड कांस्टेबल दिवाकर शर्मा काफी समय से इस बीमारी से परेशान थे। इस बीमारी में सोचने समझने की क्षमता कम हो जाती है। वह क्या करें, क्या न करें, इसपर विचार कर पाना उसके लिए मुश्किल हो जाता है। इस बीमारी से परेशान दिवाकर ने दवा भी ली थी। प्रथम दृष्टया यह माना जा रहा है कि इसी बीमारी के कारण वे मानसिक तनाव को सहन नहीं कर सके और आत्मघाती कदम उठा लिया। सीएमओ डा. गर्ग ने बताया कि उनके परिवार से भी इस बारे में बात की जा रही है।
जाने क्या है साइकोसिस
मनो चिकित्सक डा. एस धनंजय ने बताया कि साइकोसिस को मनस्ताप व मनोविक्षिप्ति भी कहते है। इस बीमारी में मरीज असमंजस की स्थिति में रहता है। फैसला कर पाना कि क्या वास्तविक है और क्या अवास्तविक, उसके लिए मुश्किल होता है। असत्य पर विश्वास होना, ऐसी ध्वनि या चीजें दिखाई देना, जो सामान्य लोगों को नजर या सुनाई नहीं देती। एकाग्रता न होना, व्यवहार में बदलाव आना, नींद न आने की समस्या, लोगों से दूर भागना, मोटीवेशनल की कमी दिखना आदि लक्षण हैं।
