Etawah News : दहेज हत्या में पति को आठ साल की कोर्ट ने सजा सुनाई, चार हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
इटावा में दहेज हत्या में कोर्ट ने पति को सजा सुनाई।
इटावा में दहेज हत्या में कोर्ट ने पति को सजा सुनाई। इसके साथ ही कोर्ट ने चार हजार रूपए का जुर्माना भी लगाया।
इटावा, अमृत विचार। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रेक कोर्ट प्रथम दिलीप कुमार सचान ने 13 साल पुराने दहेज हत्या के एक मामले की सुनवाई करते हुए पति को दोषी पाया। दोषी पाए जाने पर कोर्ट ने उसे आठ साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई व चार हजार के अर्थदंड से दंडित किया। इसके अलावा कोर्ट ने ननद व नंदोई को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। जुर्माना अदा न करने पर उसे दो महीने का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा।
जिला शासकीय अधिवक्ता शिव कुमार शुक्ला ने बताया कि श्री प्रकाश गुप्ता ने आरोप लगाया था कि उसने अपनी पुत्री इंदु प्रभा उर्फ ज्योति की शादी 22 नवंबर 2007 को भरथना कस्बा के मोहल्ला आदर्श नगर निवासी हरिओम गुप्ता के साथ की थी। शादी में उसने अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान दहेज दिया था लेकिन उसके ससुरालीजनों ने अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर उसका उत्पीडन शुरू कर दिया। समझाने के बाद भी वह नही माने।
बाद में सुसरालीजनों ने उसे जलाकर मार डाला और उन्हें सूचना नही दी। 20 अक्टूबर 2009 को जानकारी मिलने पर वह आया तो उसे जानकारी हुई। उसने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नही की।
बाद में उसने कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट के आदेश पर 23 अप्रैल 2010 को भरथना थाने में पति हरिओम गुप्ता सास माया देवी ममिया ससुर श्याम महेश उनकी पत्नी रामबेटी ननद मीना गुप्ता नंदोई अरविंद उर्फ भूरे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। बाद में पुलिस ने छानवीन के बाद पति हरिओम ननद मीना गुप्ता व नंदोई अरविंद के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में पेश कर दिए।
मामले की सुनवाई अपर जिला एंव सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रेक कोर्ट प्रथम में हुई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता तरूण कुमार शुक्ला के द्वारा पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने पति हरिओम गुप्ता को दोषी पाते हुए उसे आठ साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। कोर्ट ने मीना गुप्ता व अरविंद को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
