लखनऊ: आंदोलन की राह पर जूनियर इंजीनियर संगठन
लखनऊ, अमृत विचार। बिजली के निजीकरण सहित कई और समस्याओं को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन ने प्रबंधन और सरकार पर हमला बोला। इस दौरान निजीकरण को नहीं रोकने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई। साथ ही निजीकरण से उसके कुप्रभावों को भी गिनाया। संगठन की ओर से प्रबंधन और …
लखनऊ, अमृत विचार। बिजली के निजीकरण सहित कई और समस्याओं को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन ने प्रबंधन और सरकार पर हमला बोला। इस दौरान निजीकरण को नहीं रोकने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई। साथ ही निजीकरण से उसके कुप्रभावों को भी गिनाया।
संगठन की ओर से प्रबंधन और सरकार पर यह हमला प्रेस क्लब में पत्रकार वार्ता आयोजित करके की गई। इस दौरान संगठन की लंबित कई और मांगों को उठाया गया। इस दौरान सरकार और प्रबंधन को संदेश देने के लिए मंगलवार सुबह 10 बजे से 48 घंटे निरंतर काम करने का निर्णय लिया गया।
प्रेस वार्ता में केंद्रीय महासचिव जय प्रकाश ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान विभाग के अवर अभियंताओं और बिजली कर्मचारियों ने जान की बाजी लगाकर आपूर्ति को दुरुस्त करने और राजस्व के लिए काम किया। इस दौरान पदाधिकारियों और कर्मचारियों की ओर से विभाग निजीकरण से बचाने के लिए निस्वार्थ काम किया गया। लेकिन इसके बाद भी सरकार और प्रबंधन पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर चुके हैं। इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है।
जय प्रकाश ने बताया कि बिजली को निजी हाथों में जाने से आपूर्ति तो प्रभावित होगी ही साथ में उपभोक्ताओं का उत्पीड़न भी बढ़ जाएगा। इसके साथ ही विभाग के बहुत से कर्मचारी बेरोजगार हो जाएंगे। हम किसी भी स्तर से विभाग को निजी हाथों में नहीं जाने देंगे। इसके लिए चरणबद्ध तरीके से आंदोलन किया जाएगा।
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान संगठन की ओर से अवर अभियंताओं की कई और मांगों को पूरा करने पर जोर दिया गया। संगठन की ओर से कहा गया कि एसीपी व्यवस्था में 4800 ग्रेड पे को प्रबंधन की ओर से हटा दिया गया, जो कि ठीक नहीं है। साथ ही अवर अभियंता से सहायक अभियंता तक के प्रमोशन को सात वर्ष के अंतराल में किए जाने की मांग की गई। इस मौके पर पदाधिकारी संजीव कुमार वर्मा, अनिल वर्मा, राम अवध यादव, केदारनाथ शुक्ला, संजय यादव सहित कई और लोग मौजूद रहें।
