अयोध्या: चौंकिए नहीं, यह गांव की सड़क नहीं निर्माणाधीन रामपथ है.. खोदाई से निकली बलुई मिट्टी बनी संकट
अयोध्या,अमृत विचार। दृश्य एक : नियावां स्थित शास्त्रीनगर निवासी स्कूटी लेकर निकले तो आईसीआईसीआई बैंक के सामने दलदल में रपट कर गिर पड़े। पूरे कपड़े कीचड़ से सन गए, आसपास के लोगों ने किसी तरह उठा कर उन्हें किनारे किया।
दृश्य दो : गुदड़ीबाजार से सवारी लेकर जा रहा ई-रिक्शा अंगूरीबाग में दलदल में फंस कर पलट गया। उसी के पीछे आ रहे दो बाइक सवार भी संभल नहीं सके, लड़खड़ा कर पानी में बाइक समेत गिर गए। गनीमत रही कि ई-रिक्शा की सवारी और बाइक सवारों को कोई चोट नहीं आई अलबत्ता कपड़े पूरी तरह खराब हो गए।
दृश्य तीन : नियावां रोड पर खोदाई से फैली कीचड़ और जलभराव के बीच बेतरतीब खड़ी दो जेसीबी के चलते 12 बजे से आधे घंटे जबरदस्त जाम लगा रहा। दोनों ओर फैली कीचड़ के चलते लोग जल्दी निकलने के फेर में फंसते रहे।
दृश्य चार : नियावां चौराहे से आगे रिकाबगंज रोड पर बैंक आफ बड़ौदा तक 800 मीटर चलने के लिए रास्ता ही नहीं बचा है। खोदाई की मिट्टी के ढेर के कारण लोगों का निकलना मुश्किल हो रहा है। दोपहर तीन गाड़ी इसी में आधे घंटे तक फंसी रही।
जी हां लम्बे इंतजार के बाद रविवार शाम से शुरू हुई बारिश ने निर्माणाधीन रामपथ की ऐसी तैसी कर दी है। बारिश के चलते रिकाबगंज से साहबगंज तक इतनी बुरी स्थिति है कि आने जाने वाले लोग कराहने को मजबूर हैं। सबसे बुरी हालत तो नियावां से गुदड़ीबाजार और गुदड़ीबाजार से साहबगंज रोड की है। दोनों ओर से आना जाना इतना दुरुह हो गया है कि लोगों को रास्ता बदल कर गलियों से होकर चौक और रिकाबगंज जाना पड़ रहा है।
सोमवार को अमृत विचार की टीम ने बारिश के बाद निर्माणाधीन रामपथ का जायजा लिया तो नजारा देख दंग रह गई। सुबह साढ़े दस बजे नियांवा चौराहे से लेकर आईसीआईसीआई बैंक तक इतना दलदल दिखा कि एक कदम भी चलना दुश्वार रहा। नहरबाग से अंगूरीबाग तक तो चलना जैसे जान जोखिम में डालना हो गया है। एक तो खोदाई से सड़क पर बिखरी बलुई मिट्टी ऊपर से चौतरफा जेसीबी और ट्रैक्टर ट्रालियों ने रास्ता पूरी तरह अस्त व्यस्त कर दिया है। यही स्थिति गुदड़ीबाजार से खवासपुरा और पुराने आंख के अस्पताल से साहबगंज तक की रही।
एसएसवी कालेज की गली के सामने बड़े गड्डे और जलभराव के कारण लोगों को लौटने के लिए मजबूर होना पड़ रहा था। चार पहिया गाड़ियां तो जैसे तैसे निकल जा रहीं थीं लेकिन बाइक और ई-रिक्शा नहीं जा पा रहे थे। मार्ग की दुर्दशा देख कर सोमवार को चौक से साहबगंज जाने वाले ई-रिक्शा का संचालन भी लगभग ठप रहा। गंदा नाला से लेकर उदया चौराहे तक भी सड़क दलदल में तब्दील हो गई है। जिसके कारण सोमवार को बच्चों को स्कूल आने जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रिकाबगंज चौराहे पर सोमवार को हालात यह रहे कि हर दस मिनट पर जाम लगता रहा। मुकुट काम्प्लेक्स के आगे पूरा रास्ता बुरी तरह से कीचड़ में लथपथ हो गया है। निर्माणाधीन रामपथ की निर्माण एजेंसी की ओर से चंद दिनों पहले नियावां से अंगूरीबाग तक मिट्टी डाल कर सड़क समतल की गई थी नतीजा पूरी मिट्टी बारिश के कारण लोगों के लिए संकट बनी हुई है।
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