बरेली: गैंगस्टर कोर्ट के आदेश के बाद भी खतौनी नहीं की भारमुक्त, तहसीलदार तलब
बरेली, अमृत विचार। फर्जी खतौनी के जरिए जमानत लेने के मामले में कोर्ट के आदेश के आठ महीने बाद भी तहसीलदार मीरगंज ने खतौनी पर दर्ज भार मुक्त नहीं किया। इस पर स्पेशल जज गैंगस्टर कोर्ट ने तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस भेज 12 अगस्त को दोपहर 12ः30 बजे व्यक्तिगत हाजिर होने का आदेश दिया है।
वरिष्ठ अधिवक्ता आर एन मिश्रा ने बताया कि कोर्ट ने नोटिस भेजकर तहसीलदार मीरगंज से पूछा है कि क्यों न आपके विरुद्ध आदेश का अनुपालन न करने पर अवमानना कार्रवाई की जाए। शीशगढ़ थाने में वर्ष 2018 में गैंगस्टर एक्ट में दर्ज एक मुकदमे में अभियुक्त मिस्कू की जमानत शाही निवासी अरुणा देवी की फर्जी खतौनी लगाकर ली गयी थी।
जब अरुणा देवी की जानकारी में मामला आया तो उन्होंने कोर्ट में अर्जी दी थी, जिस पर जमानत निरस्त करते हुए उनकी खतौनी को जमानत दायित्व से मुक्त कर दिया गया था। अदालत ने 15 दिसम्बर 2022 को तहसीलदार को आदेश दिया था कि खतौनी पर दर्ज भार मुक्त किया जाये। इसके बाद 15 मई और 26 जून को दोबारा पत्र भेजकर कोर्ट ने तहसीलदार को निर्देशित किया था लेकिन आदेश के आठ महीने बाद भी तहसीलदार ने आदेश का पालन नहीं किया।
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