अयोध्या: दावा अंतर्राष्ट्रीय का, लेकिन पार्किंग और टच एन्ड गो तक सिमटा

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Edited By Amrit Vichar
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अयोध्या, अमृत विचार। लखनऊ-गोरखपुर हाइवे किनारे रामनगरी के मांझा बरेहटा में पर्यटन विभाग की ओर से करोड़ो की लागत से बस अड्डे का निर्माण करवा संचालन के लिए परिवहन निगम को सौंपा गया था। दावा किया गया था कि इस बस अड्डे पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेंगी और देश के विभिन्न प्रांतों को रोडवेज बस सेवा उपलब्ध होगी। 

परिवहन निगम ने इसको अयोध्या धाम का नाम दिया था। हालांकि व्यवहारिक दिक्कतों को दरकिनार कर लिए गए निर्णय और रामनगरी के बाहरी क्षेत्र में बस अड्डे के संचालन की यह कवायद सार्थक रूप लेती नजर नहीं आ रही। लगभग ढाई वर्ष से अयोध्या धाम बस अड्डा मेले-पर्व के दौरान पार्किंग स्थल तथा आम दिनों में रोडवेज बसों के लिए टच एन्ड गो तक सिमटा है।

गौरतलब है कि अयोध्या के चर्चित रामजन्मभूमि विवाद में सुप्रीम फैसले के बाद रामनगरी को सड़क परिवहन की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए रामनगरी की बहुप्रतिक्षित योजना बस अड्डे के निर्माण का खाका खींचा गया था। परिवहन निगम को माझा बरेहटा में चार एकड़ जमीन आवंटित की गई है, हलांकि इसके पूर्व शासन के निर्देश पर पर्यटन विभाग की ओर से 14 करोड़ की लागत से बस अड्डे का निर्माण करवा संचालन के लिए वर्ष 2020 के शुरूआती माह में सौंपा गया। 

दावा किया गया था कि तीर्थ सर्किट के तहत यहां से अन्य धार्मिक स्थलों काशी, मथुरा, प्रयागराज के अलावा उत्तराखंड के हरिद्वार व ऋषिकेश तथा विभिन्न प्रांतों के लिए अंतर्राज्यीय बस सेवा उपलब्ध होगी। इतना ही नहीं पीएम मोदी और सीएम योगी ने नेपाल के जनकपुर के लिए भी बस सेवा की शुरुआत की थी। हलांकि शुरू होने के ढाई साल बाद भी अयोध्या धाम बस अड्डे का सफल संचालन शुरू नहीं हो सका।  

इस रूट से आने-जाने वाली बसे केवल इस बस अड्डे का टच एन्ड गो के रूप में इस्तेमाल कर रही हैं और रामनगरी से दूरी और पर्याप्त साधन-संसाधन न होने के चलते यात्री यहां आना गंवारा नहीं करते। मेला-पर्व के दौरान प्रशासन इसका इस्तेमाल केवल भारी वाहनों के पार्किंग के लिए करता है। हाइवे पर कट और अंडरपास न होने के चलते केवल एक रुट की बसें ही बस अड्डे पर पहुंच पाती हैं।  

दुर्भाग्य नहीं छोड़ रहा साथ
रामनगरी में आयोजित होने वाले मेलों व पर्वों के अलावा भी आम दिनों में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आमद से परिवहन विभाग को अच्छा खासा राजस्व हासिल होता है, लेकिन स्थाई बस अड्डा और यात्रियों को सुविधाओं की उपलब्धता हासिल नहीं हो पा रही है। काफी दिनों तक अयोध्या नयाघाट से गुमटी में बस अड्डे का संचालन हुआ।

परिवहन निगम को नयाघाट पर स्थाई बस अड्डा मिला तो इसको प्रशासन ने मेला कंट्रोल रूम के लिए हस्तगत कर लिया। निगम को सरकार से जमीं मिली है और यहां पीपीपी मॉडल पर अत्याधुनिक बस स्टेशन का निर्माण होना है लेकिन अभी निर्माण और विकास के लिए कोई इच्छुक आगे नहीं आया। 

वर्तमान में लीज पर मिले बस अड्डे से काम चलाया जा रहा है। क्षेत्रीय प्रबंधक विमल राजन का कहना है कि बस अड्डे तक प्रॉपर रीच न होने और यात्रियों के यहां न आने के चलते स्टेशन का सुचारु संचालन नहीं हो पा रहा है। अंडरपास न होने से केवल एक रुट की बसें ही स्टेशन आ पाती हैं।

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