प्रयागराज : अटाला हिंसा के मास्टरमाइंड समेत 10 पर गैंगस्टर का केस
जावेद पंप पर हिंसा भड़काने का आरोप, घर पर चला था बुलडोजर
प्रयागराज, अमृत विचार। 10 जून 2022 को प्रयागराज के अटाला इलाके में हुये बवाल के दौरान हिंसा और आगजनी के मामले में आरोपी जावेद पंप सहित 10 लोगों के खिलाफ पुलिस ने गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की है। अटाला हिंसा के मामले में पुलिस ने जावेद पंप को मास्टर माइंड भी बताया था। जून में हुए बवाल के बाद पुलिस ने उसके घर पर बुलडोजर भी चलाया गया था। 10 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत की गयी कार्रवाई में जावेद मोहम्मद पंप, फैसल रजा, आरिफ अली, आसिफ अहमद, अहमद अली, इलियास, आसिफ, अब्दुल रहमान, हमजा अंसारी व आमिर खान शामिल हैं।
भारतीय जनता पार्टी की नेता नूपुर शर्मा के द्वारा की टिप्पणी के बाद पूरे देश में विरोध हुआ था। वहीं 10 जून 2022 को प्रयागराज मे जुमे की नमाज के बाद अटाला में भी हिंसा शुरु हो गयी थी। अटाला में हजारों उपद्रवियों ने भीड़ जुटाकर पत्थरबाजी की थी। बवाल के दौरान तोड़फोड़ के साथ दर्जनों पुलिसकर्मियों को चोट आई थी। पूरा अटाला क्षेत्र छावनी में तब्दील हो गया था। सारी दुकानें और उस रास्ते में पड़ने स्कूलों को बंद कर दिए गया था। हिंसा के बाद प्रयागराज पुलिस ने जावेद पंप को हिंसा का मास्टर माइंड बताया था और दो दिन बाद 12 जून को उसके घर पर बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया था। वहीं बाद में जावेद की पत्नी ने कोर्ट में दावा किया था जिस मकान को गिराया गया है वह मकान उसके नाम से था।
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घर में मिले साहित्य और किताबो की हुई थी जांच
जावेद अहमद उर्फ पंप के घर पर बुलडोजर चलाये जाने के बाद जांच एजेंसियों को कुछ साहित्य और किताबे मिली थी। साहित्य का अनुवाद कराने के बाद पुलिस को कुछ नही मिला था। हालांकि जांच में कुछ ठोस सुबूत नहीं लगे थे। इस समय जावेद मोहम्मद उर्फ जावेद पंप देवरिया जेल में बंद है। अटाला हिंसा में बच्चों को उकसाने और हिंसा भड़काने में उसकी भूमिका सामने आई है। जावेद मोहम्मद पर लोगों को हिंसा के लिए उकसाने, वॉट्सऐप के जरिए लोगों को अटाला पहुंचने के लिए कहने का आरोप है। हिंसा के बाद 12 जून को जावेद मोहम्मद का घर पीडीए ने बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया था। इसके बाद उसपर जुलाई में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून भी लगा दिया था।
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