कानपुर में बाढ़ : गंगा खतरे के निशान से 65 सेमी ऊपर, घरों में घुसा पानी, ग्रामीणों की बढ़ी मुसीबतें
कानपुर में गंगा खतरे के निशान से 65 सेमी ऊपर पहुंची।
कानपुर में गंगा खतरे के निशान से 65 सेमी ऊपर पहुंची। घरों में पानी घुसने से ग्रामीणों की मुसीबतें बढ़ी।
कानपुर, अमृत विचार। शहर में गंगा का जलस्तर बढ़कर खतरे के निशान से 65 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच चुका है। गंगा बैराज पर अप और डाउन स्ट्रीम में पिछले 24 घंटे में पानी 10 सेंटीमीटर और बढ़ गया है। इससे कटरी, चैनपुरवा समेत कटरी के निचले इलाकों में पानी तेजी से भरता और बढ़ता जा रहा है। मंगलवार रात तक शुक्लागंज में भी 7 सेंटीमीटर पानी बढ़ गया। इससे यहां गंगा किनारे के गांवों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। ग्रामीणों के घरों में पानी घुस गया है।
गंगा की बाढ़ से कटरी के निचले क्षेत्रों में किसानों की फसल बरबाद हो गई है। कई स्कूलों में भी पानी भर गया गया है जिससे बच्चों को शिक्षक स्वास्थ्य केंद्र में पढ़ाने के लिए मजबूर हैं। हालांकि प्रशासन ने 63 बाढ़ चौकियां बनाई हैं। जहां से लोगों को मदद पहुंचाई जा रही है। लेकिन पिछले चार दिनों से कई निचले गांवों में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। भोपाल का पुरवा में ज्यादातर घर बाढ़ की चपेट में हैं।
लोधवाखेड़ा स्थित उच्च प्राथमिक स्कूल का परिसर बाढ़ के पानी डूब चुका है। गंगा कटरी में स्थित भगवानदीन पुरवा भी बाढ़ की चपेट में है। यहां घरों के भीतर पानी घुस गया है। शुक्लागंज में रविदास नगर, इंद्रा नगर, शक्ति नगर, मनोहर नगर में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। इसके साथ ही तेजी पुरवा, मनसुख खेड़ा, कर्बला, शाही नगर, सैयद कंपाउंड, चंपा पुरवा में भी हालात बदतर होते जा रहे हैं।
