लखीमपुर खीरी: निर्माण कार्यों में लेटलतीफी पर तय होगी जवाबदेही- डीएम
डीएम ने की निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज की प्रगति समीक्षा
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। गुरुवार को डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने कलेक्ट्रेट में निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से निर्माण कार्य में लेटलतीफी करने पर जवाबदेही तय की जाएगी और कार्रवाई भी होगी।
डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने मेडिकल कॉलेज के अस्पताल भवन विंग-ए, विंग-बी, विंग-सी, रेजीडेंट डॉक्टर हॉस्टल, नर्स हॉस्पिटल, मेडिकल कॉलेज परिसर निर्माण की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अस्पताल भवन विंग डी ब्लाक में वर्तमान में कार्यरत सिटी स्कैन के शिफ्टिंग का प्रस्ताव शासन के अनुभाग-6 में लंबित है। जिस कारण शिफ्टिंग कार्य नहीं किया जा सका।
बैठक के बीच डीएम ने प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं शिक्षा से वार्ता की और शिफ्टिंग कार्य के प्रस्ताव की एनओसी दिलाये जाने का आग्रह किया। डीएम के पूछने पर कार्यदायी संस्था एनकेजी ने कहा कि महिला चिकित्सालय परिसर में निर्माण कार्य के कारण जलभराव की समस्या है। वर्तमान समय में वैकल्पिक व्यवस्था के साथ कार्य करा दिया। शीघ्र ही स्थाई रूप से समस्या का समाधान करा दिया जायेगा।
प्राचार्य डॉ. शैलेश गोयल ने बताया कि मेडिकल कॉलेज परिसर में भी अनेकों जगह पर जलभराव की समस्या हो रही है। डीएम ने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि समस्या का समाधान कराएं। कार्यदायी संस्था एनकेजी ने डीएम को बताया कि मेडिकल कॉलेज के परिसर का 91.50 प्रतिशत काम पूरा किया जा चुका है।
सड़क का कार्य अभी अधूरा है। इस वजह से मेडिकल कॉलेज के लिए उपकरण नहीं आ पा रहे। डीएम ने सभी कार्यों को 30 अगस्त तक पूर्ण कराने के निर्देश दिए। निर्धापरित समय में कार्य पूरा न होने पर पेनाल्टी लगाने की चेतावनी दी। सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के निर्माण समयबद्ध ढंग से गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
उन्होंने फेजवार निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज की प्रगति जानी, जरूरी निर्देश दिए। बैठक में सीएमएस डॉ. ज्योति मल्होत्रा, पीडी निर्माण खंड भवन लखनऊ के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार, डिप्टी सीएमओ डॉ. धनीराम, कंसलटेंट एजेंसी डीएलएफ की टीम, डीएसटीओ अरविंद वर्मा सहित निर्माण संस्था से जुड़े आन्य लोग भी मौजूद रहे।
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