Kanpur News : युवा, युवतियों व महिलाओं को ट्रेंड करेगा UPSIDA, मांग के अनुरूप मिलेगा प्रशिक्षण

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

कानपुर में युवा, युवतियों व महिलाओं को यूपीसाडा ट्रेंड करेगा।

कानपुर में युवा, युवतियों व महिलाओं को यूपीसाडा ट्रेंड करेगा। कहां किस तरह के दक्ष कार्मिक होने चाहिए। इसके सर्वे में यूपीसीडा जुटा।

कानपुर, [ कुशाग्र पांडेय]। उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) के औद्योगिक क्षेत्रों में स्थापित औद्योगिक इकाइयों में अब दक्ष कार्मिकों की कमी नहीं होगी। प्राधिकरण ने दक्ष कार्मिकों की कमी से जूझ रहे उद्योगों की इस समस्या के समाधान के लिए ही युवा, युवतियों और महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण दिलाने का निर्णय लिया है। इससे न सिर्फ बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा बल्कि जरूरत के अनुरूप जब कार्मिक होंगे तो औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन भी बढ़ेगा। 

पनकी, दादानगर, रूमा, चकेरी, रनिया, जैनपुर, जीसी जैनपुर, उन्नाव, बंथर, मलवा आदि औद्योगिक क्षेत्रों में तमाम ऐसी औद्योगिक इकाइयां हैं जिनके गेट पर कर्मचारियों की जरूरत है का विज्ञापन वाला फ्लैक्स लगा मिल जाएगा। आउटसोर्सिंग के तहत श्रमिक और कार्मिक उपलब्ध कराने वाली एजेंसियां औद्योगिक क्षेत्रों में काम कर रही हैं लेकिन वे भी मांग पूरी नहीं कर पा रही हैं। इस समस्या के समाधान के लिए ही प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी मयूर माहेश्वरी ने दक्ष कार्मिक तैयार कराने का निर्णय लिया है।

इसके लिए उप्र कौशल विकास मिशन विभाग की मदद तो ली ही जाएगी। राष्ट्रीय आजीविका मिशन निदेशालय का सहयोग भी प्राप्त किया जाएगा। मिशन के तहत जिन ट्रेडों में प्रशिक्षण दिलाया जा सकता है युवा, युवतियों और महिलाओं को दिलाया जाएगा। महिलाएं जो स्वयं सहायता समूह की सदस्य हैं उन्हें भी रोजगार मिल जाएगा।

प्रबंधन की कोशिश है कि औद्योगिक क्षेत्र में ही प्रशिक्षण की व्यवस्था कर दी जाए। कहां किस कैटेगरी के कार्मिक की जरूरत है इसका सर्वे भी प्राधिकरण ने शुरू करा दिया है। उद्योग मित्रों को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। प्राधिकरण ने 154 से अधिक औद्योगिक क्षेत्र स्थापित कर रखे हैं। इनमें 25 हजार से अधिक औद्योगिक इकाइयां स्थापित हैं।

ज्यादातर औद्योगिक इकाइयों में दक्ष कार्मिक की कमी है। जब कार्मिक उपलब्ध होंगे तो उत्पादन भी बढ़ेगा। यूपी की जीडीपी में ग्रोथ होगी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वन ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य की पूर्ति भी हो सकेगी। कोशिश है कि सर्वे का कार्य जल्द से जल्द पूरा हो जाए ताकि यह पता चल जाए कि कितने कार्मिक की जरूरत है। 

बहुत ही जल्द ही इसकी प्रशिक्षण का कार्य शुरू कराया जाएगा। उद्योगों को अब मांग के अनुरूप कार्मिक मिलेंगे। इसके लिए जरूरी कदम उठाया जा रहा है।– मयूर माहेश्वरी, सीईओ यूपीसीडा

 

संबंधित समाचार