Jalaun News: प्रशिक्षु डॉक्टरों को चार माह का मानदेय नहीं मिलने पर की हड़ताल, ओपीडी गेट पर किया प्रदर्शन
जालौन में प्रशिक्षु डॉक्टरों को चार माह का नहीं मिला मानदेय तो शुरू कर दी हड़ताल।
जालौन में प्रशिक्षु डॉक्टरों को चार माह का मानदेय नहीं मिलने पर हड़ताल शुरू कर दी। राजकीय मेडिकल कॉलेज में सुबह के समय ओपीडी गेट पर प्रदर्शन किया।
जालौन, अमृत विचार। मानदेय न मिलने से नाराज राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रशिक्षु (इंटर्नशिप)डॉक्टर व आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने काम बंद करके सुबह के समय हड़ताल शुरू कर दी। ओपीडी गेट पर बैठकर धरना प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। इससे वहां का प्रशासन हरकत में आ गया। फौरन ही प्रभारी सीएमएस मौके पर पहुंचे। प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं को समझाया और आश्वस्त किया कि उनकी समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा। इसके बाद हड़ताल समाप्त हुई। हड़ताल से वहां पर ओपीडी से लेकर अन्य व्यवस्थाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई।
शुक्रवार को शहर के राजकीय मेडिकल कॉलेज में बैच 2018 के इंटर्नशिप करने के लिए छात्र छात्राएं आए थे, नए वित्तीय वर्ष 2023 के प्रांरभ से लेकर अब तक इंटर्नशिप करने वालों को मानदेय नहीं मिला। लगातार मानदेय न मिलने से नाराज होकर प्रशिक्षु डॉक्टर और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने सुबह से ही कामकाज ठप कर दिया और ओपीडी के बाहर गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान नारेबाजी करते हुए काम बंद हड़ताल पर चले गये। मेडिकल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
डॉक्टर रंजीत कुमार एवं मेघा शर्मा का आरोप है कि उन्हें पिछले अप्रैल माह से मानदेय नहीं दिया जा रहा, वहीं मेडिकल कॉलेज में तैनात आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने पारिश्रमिक में कटौती का आरोप लगाते हुए हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों की हड़ताल से मेडिकल में पर्चा काउंटर,ओपीडी, पैथोलॉजी समेत अन्य व्यवस्थाएं बाधित हो गई, वहीं कर्मचारियों ने चेतावनी दी की अगर उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो वह अपनी हड़ताल जारी रखेंगे। इससे वहां का प्रशासन परेशान हो गया।
धरना प्रदर्शन और हड़ताल को देखते हुए मेडिकल कॉलेज के प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ प्रशांत निरंजन मौके पर पहुंचे।उन्होंने इंटर्नशिप कर रहे डॉक्टर और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को समझा बूझकर शांत कराया, साथ ही जल्द से जल्द वेतन दिलाए जाने की बात कही, तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ और प्रशिक्षु और कर्मचारी हड़ताल खत्म कर फिर से कामकाज पर लौट गए।
