Video - देखते ही देखते सरयू नदी में समाया सरसंडा का पंचायत भवन 

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बंधे पर बसे बाढ़ पीड़ितों की बारिश ने बढ़ाई मुश्किलें

रामनगर/ बाराबंकी, अमृत विचार। सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर 25 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। जिससे तराई क्षेत्र के गांवों में एक बार फिर हड़कंप मच गया है। लोग बाढ़ की आशंका से भयभीत हो गए हैं। वहीं सूरतगंज इलाके के कई गांवों कटान होने से ग्रामीण में दहशत है। 

शुक्रवार को सुरसंडा का पंचायत भवन काटकर नदी में समा गया। लोग गृहस्थी का सामान बटोरकर सुरक्षित स्थान पर जा रहे हैं। बारिश के चलते बंधे पर बसे बाढ़ पीड़ितों का दर्द और भी बढ़ गया है। प्रशासनिक दावे नाकाफी साबित हो रहे हैं।

पड़ोसी देश नेपाल द्वारा पानी छोड़े जाने के कारण पिछले कई दिनों से शांत चल रही सरयू नदी के तेवर फिर उग्र हो गए है। परिणाम स्वरूप शुक्रवार को सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान 106.07 को पार कर 106.326 पर पहुंच गया है जो कि खतरे के‌ निशान से 25 सेंटीमीटर ऊपर है। एल्गिन ब्रिज पर तैनात कर्मचारियों ने बताया कि सुबह 10 बजे से जलस्तर स्थिर है। सरयू नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी होने से बाढ़ पीड़ितों में हड़कंप मच गया है। वहीं एक सरकारी भवन बाढ़ के पानी में समाने को तैयार दिख रहे हैं। वहीं दूसरी ओर सूरतगंज ब्लॉक क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांव सरसंडा, खुज्झी, जमका आदि इलाके में तेजी से हो रही कटान से भी ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया है। शुक्रवार को प्रशासिनिक तैयारियों को लेकर सरसंडा स्थित पंचायत भवन के पास बोरियों में मिट्टी भरकर कटान रोकने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं पंचायत भवन नदी में समाने के मुहाने पर दिख रहा है। 

प्रशासनिक दावों के अनुसार अब तक छप्पर व पक्के घर समेत 31 आशियाने सरयू नदी में समा चुके हैं। वहीं दूसरी ओर बाढ़ के कहर से बचने के लिए बंधे पर बसे ग्रामीणों की मुश्किलें तब और बढ़ गई जब गुरूवार की रात भर मूसलाधार बारिश हुई। तहसील प्रशासन द्वारा इन बाढ़ पीड़ितों को खानपान की चीजों के साथ अन्य कई प्रकार की राहत सामग्री उपलब्ध कराए जाने का दावा किया जा रहा है।

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