Jalaun News: मरीज से डॉक्टर ने की जालसाजी, कोर्ट के आदेश पर FIR दर्ज, पीड़ित पुलिस के लगाता रहा चक्कर

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

जालौन में मरीज से जालसाजी करने पर डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज।

जालौन में मरीज से जालसाजी करने पर डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज। कोर्ट के आदेश पर उरई कोतवाली में मामला दर्ज हुआ।

जालौन, अमृत विचार। शहर के चोरसी मोड़ पर एक हॉस्पिटल के डॉक्टर के खिलाफ आखिर में उरई कोतवाली पुलिस को कोर्ट के आदेश के बाद रिपोर्ट दर्ज करनी पड़ी। यह मामला उरई कोतवाली में वर्ष 2022 में पहुंचा था। उस समय शिकायतकर्ता ने जालसाजी करके रुपए ऐंठने और अभ्रदता करने का आरोप लगाया था। उसकी बात को पुलिस ने अनसुना कर उसे टहला दिया था। 

जानकारी के मुताबिक शहर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम मिनोरा निवासी कृष्ण कुमार पुत्र प्रेम नारायण ने बताया कि उसका पुत्र शिवम तिवारी नौ अक्टूबर 2022 को जब रास्ते से जा रहा था तब बंदरों ने उसे खदेड़ दिया, जिससे वह घायल हो गया और उसके पैर में चोट आ गई। वह घायल को कालपी रोड चोरसी मोड़ स्थित उर्मिला अस्पताल के डॉक्टर विवेक निरंजन को दिखाने गया। यहां पर डॉक्टर ने तत्काल आपरेशन की जरूरत बताई।

इस पर 75 हजार रुपए खर्च आने की बात कही और बताया था कि पैर में टाइटेनियम प्लस कंपनी की प्लेट डालेंगे। बेटे की खातिर 70 हजार रुपए जमा किए। आपरेशन के कुछ समय बाद शिवम के पैर में पस पड़ने लगा तो वह एक नवंबर 2022 को डॉक्टर के यहां पहुंचा था। डॉक्टर ने उपचार करने के बजाए उसे व उसके बेटे को भगा दिया और कहा कि कोई परेशानी नहीं है।

इसके बाद वह अपने बेटे को ग्वालियर ले गया, जहां पर डॉक्टर ने फिर से आपरेशन किया। कृष्ण कुमार का कहना है कि डॉक्टर ने बताया कि पहला आपरेशन की कोई जरूरत ही नहीं थी। वहां से लौटकर जब डॉ. विवेक निरंजन से इस बावत मिला तो उन्होंने अभ्रदता करते हुए जान से मारने की धमकी देकर भगा दिया। इस मामले की शिकायत कोतवाली में भी नहीं ली गई तब पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर उक्त डॉक्टर के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

15 दिन पूर्व ही मेडिकल कॉलेज से हटाया गया 

शहर की चोरसी मोड़ पर उर्मिला हॉस्पिटल में बैठने वाले डॉक्टर विवेक निरंजन राजकीय मेडिकल कॉलेज उरई में संविदा पर तैनात थे। कॉलेज प्रशासन ने 15 दिन पहले ही उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया था। उनकी संविदा समाप्त कर हटा दिया था। इसके पहले वह लंबेसमय से मेडिकल कॉलेज में थे और अपना निजी हॉस्पिटल भी चला रहे थे।

संबंधित समाचार