एएमयू में स्‍थायी कुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया में देरी पर आंदोलन की चेतावनी

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Edited By Amrit Vichar
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अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) शिक्षक संघ और कुछ पूर्व पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि स्‍थायी कुलपति की नियुक्ति प्रक्रिया में विलंब होने की स्थिति में आंदोलन किया जाएगा। एएमयू शिक्षक संघ (अमुटा) के पदाधिकारियों ने सोमवार शाम यहां एक बैठक करने के बाद घोषणा की कि अगर इस विश्वविद्यालय के स्थायी कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया में और देरी की गई, तो उनके पास इस स्थिति के विरोध में आंदोलन शुरू करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। 

एसोसिएशन के पूर्व पदाधिकारियों द्वारा हस्ताक्षरित एक बयान में शिक्षकों ने कहा कि कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर के इस्तीफा देने के चार माह बीत जाने के बाद भी विश्वविद्यालय एक तदर्थ व्यवस्था (एक कार्यवाहक कुलपति के अधीन) के माध्यम से काम कर रहा है। यह देश के प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थान में व्याप्त मामलों की स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। 

गौरतलब है कि अप्रैल माह की शुरुआत में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के तत्कालीन कुलपति तारिक मंसूर को उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य के रूप में नामित किया गया। इसके एक दिन बाद ही उन्होंने कुलपति पद से इस्तीफा दे दिया था। एएमयू रजिस्ट्रार मोहम्मद इमरान ने चार अप्रैल को अधिसूचना जारी कर कहा था कि मंसूर के उत्तराधिकारी की नियुक्ति होने तक प्रो वाइस चांसलर मोहम्मद गुलरेज़ कुलपति के रूप में कार्य करेंगे। तब से अभी तक स्‍थायी कुलपति की नियुक्ति नहीं हो सकी है। 

अमुटा के सचिव ओबैद अहमद सिद्दीकी ने पत्रकारों को बताया कि लगातार प्रयासों के बावजूद शिक्षकों में इस बात को लेकर चिंता बढ़ रही है कि एएमयू में कुलपति के चयन के लिए तीन नामों का पैनल नियुक्त करने की प्रक्रिया भी अब तक शुरू नहीं हो पाई है। सिद्दीकी ने बताया कि स्थायी कुलपति की नियुक्ति में देरी से संस्थान को दीर्घकालिक नुकसान होगा।

 बयान पर हस्ताक्षर करने वाले अमुटा के पूर्व अध्यक्षों और सचिवों सहित एसोसिएशन के पूर्व नेताओं के नामों की सूची जारी करते हुए ओबैद अहमद सिद्दीकी ने मंगलवार को पत्रकारों से कहा कि एएमयू के शिक्षक इस बात को लेकर चिंतित हो रहे हैं कि एएमयू समुदाय के निरंतर प्रयासों के बावजूद, कुलपति के चयन के लिए नामों का पैनल नियुक्त करने की लंबी प्रक्रिया भी शुरू नहीं की गई है। 

उन्होंने बताया कि एएमयू की शिक्षक एसोसिएशन की कार्यकारी समिति ने कार्यवाहक कुलपति प्रोफेसर मोहम्मद गुलरेज़ को संबोधित एक पत्र में आशंका व्यक्त की है कि एएमयू के नए कुलपति की नियुक्ति में देरी 'जानबूझकर' की जा रही है। 28 अगस्त को लिखे पत्र में कार्यवाहक कुलपति से सवाल किया गया है कि उन्होंने तीन नामों के पैनल के चयन की प्रक्रिया क्यों शुरू नहीं की है, जिसे बाद में विजिटर को भेजा जा सकता है, जो इसमें से एक का चयन करेंगे।

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