Kanpur News: इजरायल की तकनीक से तैयार होंगे रोगमुक्त पौधे, उद्यान विभाग ने नर्सरी के लिए जमीन चिह्नित की

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर में इजरायल की तकनीक से तैयार होंगे रोगमुक्त पौधे।

कानपुर में इजरायल की तकनीक से तैयार होंगे रोगमुक्त पौधे। उद्यान विभाग ने नर्सरी के लिए जमीन चिह्नित की। नर्सरी में हर साल दो लाख पौधे उगाए जाएंगे।

कानपुर, अमृत विचार। राजकीय उद्यान विभाग इजरायल की उन्नत तकनीक से ऐसे पौधों को तैयार करेगा, जिनमें रोग नहीं लगेगा। सब्जियों के लिए यह बेहद कारगार साबित होगा। ये पौधे किसानों को दिए जाएंगे। इससे सब्जियों के खराब होने की संभावना कम होने से किसानों को आर्थिक क्षति नहीं पहुंचेगी। इसके लिए विभाग ने दोनों पौधशाला के लिए चार एकड़ जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। 

सब्जी की खेती करने वाले किसानों को पौधे पर रोग लगने का डर रहता है। इस वजह से सब्जियां खराब हो जाती हैं। इसमें टमाटर, मिर्च, गोभी फूल, शिमला मिर्च, रंगीन शिमला मिर्च, कद्दू, खीरा आदि शामिल हैं। सब्जियों को खराब होने से बचाने के लिए इजरायल की तकनीक को इस्तेमाल किया जाएगा।

इसके लिए राजकीय उद्यान विभाग शिवराजपुर के दरियानिवादा और पतारा स्थित राजकीय पौधशाला में 1.26-1.26 करोड़ की लागत से नर्सरी तैयार करेगा। जिसकी जिम्मेदारी मनरेगा विभाग की होगी। नर्सरी को तैयार होने पर उसे किसानों को दिया जाएगा। हर साल 2 लाख पौधे तैयार किए जाएंगे। पौधे मिट्टी के बजाय को-पीट पर लाइट और वर्मी कंपोस्ट से ट्रे में उगाए जाएंगे, ताकि पौधों को उखाड़ने में जड़ों का नुकसान न हो। इस तकनीक से पौधे को लगाने के दूसरे दिन से ही इसका विकास शुरू हो जाता है।

वहीं, मिट्टी में लगे पौधों को उखाड़ने में तमाम जड़े टूट जातीं हैं। इसे खेत की मिट्टी में लगाने के 20 से 25 दिन बाद से विकास शुरू होता है। इजरायल तकनीक से उपचारित उगाए पौधे के सूखने की आशंका भी कम होती है। यानी चाहे नर्सरी हो या खेत, शतप्रतिशत पौधों के पुष्पित-पल्लवित होने की संभावना होगी। 

किसानों को दो रुपये में मिलेगा एक पौधा

राजकीय नर्सरी से किसानों को दो रुपये में एक पौधा मिलेगा। किसान अभी तक सब्जी, मिर्च आदि के पौधों के रोपित करते समय दो पौधे लगाते हैं, ताकि एक पौध मर जाए तो दूसरा पौध जिंदा रहे। इजरायल तकनीक का दावा है कि इसमें पौधों के मरने की संभावना न के बराबर होती है। इस स्थिति में किसान एक पौधा लगाएंगे। इससे आर्थिक बचत भी होगी।

किसानों के लिए इजरायल की तकनीक से पौधे तैयार किए जाएंगे। रोगमुक्त पौधों से किसानों को ज्यादा लाभ मिलेगा। जमीन चिन्हित कर शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। जल्द ही निर्माण शुरू हो जाएगा।- दिग्विजय कुमार, जिला उद्यान अधिकारी

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