हापुड़ में अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज का मामला- एसआईटी में न्यायिक अधिकारी को शामिल करने की मांग

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Edited By Amrit Vichar
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प्रयागराज। यूपी के राज्य विधिज्ञ परिषद ने 29 अगस्त को राज्य के हापुड़ जिले में अधिवक्ताओं पर हुए लाठीचार्ज की कार्रवाई की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) में उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश को न्यायिक अधिकारी के तौर पर शामिल किए जाने की मांग की है। परिषद के अध्यक्ष शिव किशोर गौड़ ने कहा, ‘‘हापुड़ की घटना के बाद हमने मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन देकर इस घटना की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पुलिस कर्मियों एवं अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।’’ 

उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से हमें ज्ञात हुआ कि मुख्यमंत्री ने इस घटना की जांच के लिए एक एसआईटी गठित की है। लेकिन हम चाहते हैं कि इस एसआईटी में उच्च न्यायालय या उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश को न्यायिक अधिकारी के तौर पर शामिल किया जाए और पुलिस अधिकारी के बजाय अन्य किसी को रखा जाए तभी मामले की निष्पक्ष जांच हो सकेगी।

गौड़ ने कहा कि एसआईटी में शामिल पुलिस अधिकारी अपने महकमे के अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा एसआईटी गठित करने की मांग मानने से राज्य विधिज्ञ परिषद की अगली बैठक एक सितंबर के बजाय अब तीन सितंबर को होगी जिसमें आगे की कार्रवाई पर चर्चा कर निर्णय किया जाएगा। 

हापुड़ जिला अदालत परिसर में मंगलवार को किसी बात को लेकर अधिवक्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हो गई थी, जिसके बाद पुलिस ने अधिवक्ताओं पर कथित तौर पर लाठीचार्ज किया। इस घटना के विरोध में बुधवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय समेत राज्य भर की जिला अदालतों के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से दूर रहे।

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