लखीमपुर खीरी: बाघ ने बाइक सवार युवक पर किया हमला, गंभीर हालत में जिला अस्पताल भर्ती

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Edited By Amrit Vichar
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लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। गोला वनरेंज क्षेत्र में जमुनाबाद फार्म के निकट बाइक से खेत पर लेवरों को खाना देने जा रहे युवक पर बाघ ने हमला कर गंभीर घायल कर दिया है। घायल को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बक्खारी निवासी प्रमोद कुमार (30) पुत्र हेमराज दोपहर बाइक से खेत पर लेवरों को खाना देने जा रहा था। बताया जाता है कि जमुनाबाद कृषि फार्म के निकट खीरी ब्रांच बड़ी नहर पटरी पर झाडियों के बीच से अचानक निकले बाघ ने प्रमोद कुमार पर हमला कर दिया, जिससे प्रमोद की गर्दन पर गहरा घाव हो गया।

शोर शराबा सुनकर दर्जनों राहगीर एकत्र हो गये। बाघ फिर झाड़ियों में घुस गया। राहगीरों ने प्रमोद के परिजनों को सूचना दी। परिजन आनन फानन में सीएचसी लेकर आये, जहां हालत गंभीर होने के कारण डाक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

ग्रामीणों की सूचना पर घटनास्थल पर पहुंचे वन विभाग के अंकित बाबू, वन दारोगा जयराम, वन दरोगा मोबीन, वन दरोगा अफजल गामा आदि ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। वनकर्मियों ने बताया कि बाघ झाड़ियों में छिपा है। लोग अकेले खेतों की ओर न जाएं और समूह बनाकर शोर मचाते हुए ही निकलें।

सूचना पर गोला वन क्षेत्राधिकारी संजीव तिवारी ने सीएचसी पहुंचकर किसान प्रमोद का हाल चाल लिया। इलाके में बाघ के हमले और मौजूदगी से आम आदमी तक उबर नहीं पा रहा है। इससे पहले जमुनाबाद फार्म के प्रखंड 6 पर संविदा चौकीदार हरिराम को भी बाघ निवाला बना चुका है। 

बांकेगंज में भी हो चुकी है बाघ के हमले की घटना
बांकेगंज खीरी।  मैलानी रेंज में भी बाघ के हमले में कई घटनाएं हो चुकी है। वन विभाग के अधिकारियों को सूचना देने के बाद भी अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है, जिससे लोग भयभीत हैं।

29 दिसम्बर 2022 को मैलानी रेंज के महुरेना बीट के ग्राम पसियापुर निवासी 23 वर्षीय रोहित उर्फ शिवकपूर पुत्र चित्रसेन पर बाघ ने हमला कर उस समय घायल कर दिया था। जब वह गांव से महज डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर केले के खेत को देखने बाइक से गया था। जब वह बाइक खड़ी कर रहा था गन्ने के खेत से निकले बाघ ने पंजे से सिर पर वार किया जिससे सिर की खाल बाल सहित खिंचती चली गई।

गनीमत यह रही थी दिन के करीब साढ़े तीन बजे का मामला होने और आसपास के खेतों में काम कर रहे लोगों के तेजी से चिल्लाने और समूह में आने से बाघ उसे छोड़कर गन्ने के खेत में पुनः चला गया था।

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