फर्जी विधवा पेंशन : कई कर्मचारियों के सिर पर लटकी निलंबन की तलवार
एसडीएम की जांच पूरी, दलाली करने वाले गांव के लोगों पर हो सकती एफआईआर
बरेली, अमृत विचार। रामनगर ब्लॉक के गांव गोठा खंडुआ में 25 से 30 साल उम्र की 46 नवविवाहित महिलाओं को पतियों के जीवित होने के बावजूद विधवा पेंशन दिए जाने के मामले की जांच पूरी हो गई है। जांच में पता चला है कि दलालों से साठगांठ कर ब्लॉक में नीचे से ऊपर तक कई लोगों ने इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया था। अंदेशा है कि इसमें कई सरकारी कर्मचारियों के निलंबन के साथ दलालों के खिलाफ एफआईआर कराई जा सकती है। बताया जा रहा है कि एक-दो दिन में रिपोर्ट डीएम को भेज दी जाएगी।
गोठा खंडुआ में भारी संख्या में अपात्र महिलाओं को विधवा पेंशन दिए जाने का खुलासा अमृत विचार ने किया था। एसडीएम गोविंद मौर्य की ओर से कराई गई प्रारंभिक जांच में इसकी पुष्टि होने के बाद डीएम को रिपोर्ट दी गई थी। इसके बाद डीएम के आदेश पर एसडीएम ने गहराई से छानबीन करने के साथ फर्जीवाड़ा करने वाले रामनगर ब्लॉक के कर्मचारियों और दलालों को चिह्नित किया है। गोठा में जिन महिलाओं को विधवा पेंशन दी जा रही था, उनके कागजों में अलग-अलग 11 गांवों के पते दिखाए गए थे। बताया जा रहा है कि इस घोटाले में बड़े पैमाने पर जालसाजी कर ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर फर्जी प्रमाणपत्र बनाए जाने की भी पुष्टि हुई है।
करीब एक सप्ताह से जांच में जुटे एसडीएम शुक्रवार को भी गोठा खंडुआ पहुंचे और कई लोगों से पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार शाम जांच रिपोर्ट भी तैयार कर ली गई। इसमें पूरे फर्जीवाड़े में नीचे से ऊपर तक कई जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों के नाम बताए जा रहे हैं। एसडीएम की ओर से जल्द ही यह रिपोर्ट डीएम को सौंपने के बाद इन लोगों पर कार्रवाई का फैसला होगा। बताया जा रहा है कि इस फर्जीवाड़े को गंभीर वित्तीय अनियमितता माना जा सकता है। इस कारण दोषी लोगों का निलंबन तो होगा ही, उनकी नौकरी भी खतरे में पड़ सकती है।
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