कानपुर में चलती ट्रेन से उतरना बना काल, कटकर दंपती की मौत, पत्नी की मौके पर तो पति की हैलट में टूटी सांसे
कानपुर में ट्रेन से कटकर दंपती की मौत।
कानपुर के कल्याण्पुर रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेन से उतरना एक परिवार के लिए काल बन गया। पत्नी की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। बचाने में पति भी चपेट में आ गया। जहां हैलट में उसकी मौत हो गई।
कानपुर, अमृत विचार। फर्रुखाबाद से पति का इलाज कराने आ रही आशा कार्यकर्ता की कल्याणपुर रेलवे स्टेशन पर चलती ट्रेन से उतरने के दौरान कटकर मौत हो गई। पत्नी को बचाने में पति भी चलती ट्रेन से उतरा और गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में हैलट में उसकी भी सांसे टूट गईं।
जिला फर्रुखाबाद जहानगंज के पतौला गांव के रहने वाली आशा कार्यकर्ता तबज्जू (50) शुक्रवार को बीमार पति मोहम्मद रईस (50) और भाई जुबैर के साथ फर्रुखाबाद पैसेंजर ट्रेन से कानपुर आ रही थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर करीब डेढ़ बजे ट्रेन कल्याणपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो तबज्जू चलती ट्रेन से उतरने लगीं।
इस दौरान लड़खड़ाकर वह प्लेटफार्म और ट्रेन के बीच की खाली जगह में चली गईं और ट्रेन से कटकर मौत हो गई। यह देख चलती ट्रेन से उतरने में पति भी गिर गया और उसका पैर टूट गया। सिर पर भी गंभीर चोट आ गई। लोगो ने स्टेशन अधीक्षक और वहां मौजूद जीआरपी को जानकारी दी।
जिसके बाद नाजुक हालत में एबुलेंस से पति को हैलट अस्पताल भिजवाया गया। जहां उसने भी दम तोड़ दिया। भाई जुबैर ने घटना की जानकारी परिजनों को दी तो परिवार में चीख पुकार मच गई। परिजन कानपुर के लिए निकल पड़े।
कल्याणपुर के डॉक्टर से चलता था इलाज
भाई जुबैर के अनुसार पति का इलाज कराने के लिए तबज्जू कल्याणपुर स्थित डॉक्टर आलम के पास आती थी। समय-समय पर उन्हें चेकअप के लिए बुलाया जाता था। वह जिदंगी भर खुद को कोसता रहेगा कि वह उन लोगों की जान नहीं बचा सका।
जल्दबाजी के चक्कर में जान न गवाएं
जल्दबाजी के चक्कर में लोग केवल अपनी जान गवां रहे हैं। स्टेशनों पर सावधानी बरतने के लिए साफ निर्देश अंकित होते हैं, इसके बाद भी लोग अपनी लापरवाही से बाज नहीं आ रहे हैं। जरा सी लापरवाही और जल्दबाजी के चक्कर में लोग काल के गाल में समा रहे हैं। लोगों को नियमों का पालन करना चाहिए।
