पीलीभीत: तहसील दिवस में गुस्साए डीएम और रोक दिया इंस्पेक्टर समेत कइयों का वेतन, जानिए मामला

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Edited By Amrit Vichar
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पीलीभीत, अमृत विचार। सितंबर माह के पहले संपूर्ण समाधान दिवस में डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार सख्त दिखाई दिए। बिना सूचना दिए गए गैरहाजिर रहने वाले पुलिस और प्रशासनिक अफसरों पर शिकंजा कसा। दो इंस्पेक्टर समेत छह का एक दिन का वेतन काटने के आदेश दिए। जबकि चार प्रशासनिक अफसरों का जवाब तलब किया गया।

शनिवार को समस्त तहसीलों पर संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन सुबह दस बजे से लेकर दोपहर दो बजे तक किया गया। सदर तहसील में अध्यक्षता डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने की। सीडीओ धर्मेंद्र प्रताप सिंह, जिला विकास अधिकारी हवलदार सिंह, एसडीएम सदर देवेंद्र सिंह, समेत जिले भर के अफसर मौजूद रहे। ठीक दस बजे सुनवाई शुरू की गई।

डीएम की मौजूदगी में कुल 40 शिकायतें आई। जिनमें आठ शिकायतों का निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों में टीमें बनाकर जांच करने के निर्देश दिए गए। कई विभागों के अफसर मौजूद नहीं थे। डीएम ने इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, सहायक निबंधक और जिला पूर्ति अधिकारी का लिखित स्पष्टीकरण तलब किया गया।

वहीं गजरौला व  बरखेडा के इंस्पेक्टर, प्रभागीय वन अधिकारी , अधिशासी अभियंता नलकूप आदि के अनुपस्थित रहने पर एक दिन का वेतन रोकने के आदेश दिए। लिखित स्पष्टीकरण तलब किया। डीएम ने निर्देश दिए कि अवशेष शिकायतों में अधिकारी शिकायतों का गुणवत्ता परक ढंग से निस्तारण करें। बिना  सूचना के गैरहाजिर और देरी से आने पर कार्रवाई की संस्तुति की गई है। डीएम ने छठवें राष्ट्रीय पोषण माह की रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया।

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