कमीशनखोरी: पूनम के खिलाफ जांच का आदेश, बीडीओ को भी झटका...जानिए पूरा मामला

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Edited By Amrit Vichar
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स्वयं सहायता समूह को 1.70 लाख का भुगतान करने की एवज में बीडीओ के नाम पर मांगे थे 50 हजार

बरेली, अमृत विचार। बीडीओ के नाम पर महिला स्वयं सहायता समूह से 1.70 लाख के भुगतान के बदले 50 हजार रुपये की मांग करने वाली भोजीपुरा की ब्लॉक मिशन मैनेजर पूनम राजपूत के खिलाफ कमिश्नर ने जांच का आदेश जारी कर सीडीओ से एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है। पूनम को बचाने के लिए दूसरी ब्लॉक मिशन मैनेजर कविता गंगवार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा देने के आरोप से जूझ रहे बीडीओ के लिए इसे करारा झटका माना जा रहा है।

कमिश्नर के आदेश के बाद सीडीओ ने भोजीपुरा ब्लॉक के नोडल अधिकारी/ जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह को जांच सौंपी है। पीपलसाना गांव के बालाजी स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष अनुराधा और सचिव अनीता देवी समेत कई पदाधिकारियों की शिकायत के बावजूद पूनम के खिलाफ यह मामला करीब डेढ़ महीने से दबा हुआ था।

पदाधिकारियों का आरोप था कि 2020 में आंगनबाड़ी केंद्रों पर शुष्क राशन पहुंचाने की एवज में शासन ने कुछ महीने पहले 1.70 लाख का भुगतान किया गया था। यह पैसा समूह के खाते में भेजने के लिए बीएमएम पूनम राजपूत ने बीडीओ का नाम लेते हुए 50 हजार रुपये की मांग की।

आरोप था कि 30 हजार रुपये देने के बावजूद पूनम ने बीडीओ की जिद का हवाला देते हुए 20 हजार और मांगती रहीं। भुगतान भी नहीं हुआ, उल्टे उन्हें काम से हटाने की धमकी दी गई। लेनदेन के संबंध में बातचीत के लिए ब्लॉक पर मीटिंग तक बुलाई गई।

इस तरह रफादफा किए आरोप
समूह की पदाधिकारियों ने चार मिनट का ऑडियो भी अफसरों को पूनम राजपूत के खिलाफ दिया था जिसमें समूह की सचिव अनीता उनसे कह रही थीं, दीदी बीडीओ साहब वाला मैटर संभाल लो, काफी दिन बाद पैसा आया है, 50 हजार रुपये दे दिए तो बचेगा ही क्या। अफसरों ने यह तर्क देकर इस ऑडियो को खारिज कर कर दिया कि साजिश के तहत पूनम से जानबूझकर बीडीओ का नाम बुलवाने की कोशिश की गई। अफसरों ने बीडीओ पर उठे इस सवाल पर कोई ध्यान नहीं दिया कि समूह को भुगतान करने में बेवजह क्यों देरी की गई।

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