Hamirpur: 32 वर्षों से पट्टो की जमीन में कब्जा नहीं मिला पीढ़ी गुजरी, दूसरी पीढ़ी की पहल पर पुलिस ने लगाया अड़ंगा
हमीरपुर में 32 वर्षों से पट्टो की जमीन में कब्जा नहीं मिला पीढ़ी गुजरी।
हमीरपुर में 32 वर्षों से पट्टो की जमीन में कब्जा नहीं मिला पीढ़ी गुजरी। दूसरी पीढ़ी की पहल पर पुलिस ने अड़ंगा लगाया।
हमीरपुर, अमृत विचार। पिछले 32 वर्षों से पट्टे की जमीन में कब्जा पाने में एक पीढ़ी गुजर गई, लेकिन जमीदारों की दंबगई के आगे कब्जा नहीं पा सके। दूसरी पीढ़ी के युवाओं ने एकजुट होकर जब कब्जा जमाने की कोशिश की तो उसमें पुलिस का अड़ंगा लग गया है। इस अड़ंगे को दूर करने के लिए अब पट्टाधारक प्रशासन की शरण में पहुंचे हैं। प्रशासन ने टीम गठित कर मौके पर भेजने की निर्देश दिए हैं।
करीब 32 वर्ष पूर्व सीलिंग एक्ट के तहत विदोखर पुरई में दो बड़े जमींदार ओंकार उर्फ साधू सिंह एवं लक्ष्मी प्रसाद द्विवेदी की भूमि निकल गई थी। इस भूमि में गांव के भूमिहीनों को पट्टे किए गए थे। पट्टे होने के बाद पट्टाधारक ओंकार सिंह उर्फ साधू सिंह की भूमि पर एक वर्ष कब्जा पा सके। इसके बाद स्टे आदि की आड़ में इनको पट्टों से बेदखल कर दिया गया। लक्ष्मी प्रसाद द्विवेदी की भूमि में पट्टाधारक कब्जा नहीं पा सके।
वर्षों चली कानूनी लड़ाई के बाद पट्टाधारकों के हक में फैसला आया और सभी तरह के स्थगन आदेश खारिज हो गए। तब पट्टाधारकों के अंदर पट्टों में कब्जे की उम्मीद जगी। लिहाजा शनिवार को पट्टाधारकों ने एकजुट होकर ओंकार सिंह उर्फ साधु सिंह के गाटा संख्या 290 रकबा 4.075 हेक्टेयर तथा घाटा संख्या 793 रकबा 8.909 हेक्टेयर में कब्जा करने की गरज से ट्रैक्टर चलवा दिया।
जैसे ही ट्रैक्टर चला तो जमींदारों के वरिसानों ने एतराज जता मौके पर पुलिस बुला ली। पुलिस ने बगैर कुछ सोचे समझे जुताई रुकवा दी। जबकि उनके पास किसी तरह के सक्षम कागजात नहीं हैं। ओंकार सिंह उर्फ साधु सिंह की वर्षों पूर्व हुई मौत के बाद वारिशान वरासत तक नहीं करा सके हैं। जबकि पट्टाधारकों की मौत के बाद उनके परिजन वरासत के रूप में खतौनी में दर्ज हैं और सम्मान निधि आदि भी पा रहे हैं।
पुलिस के टांग अड़ाने के बाद पट्टाधारकों की ओर से नीरज भारती ने शनिवार को सम्पूर्ण समाधान दिवस में मामले शिकायत दाखिल की है। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम का गठन कर सोमवार को गांव भेजने के आदेश दिए हैं।
उधर ओंकार सिंह के छोटे पुत्र रुद्रप्रताप सिंह व लक्ष्मी प्रसाद द्विवेदी के मंझले पुत्र सुदेश द्विवेदी ने बताया कि इस मामले में हाईकोर्ट से स्टे है। तथाकथित पट्टाधारक जबरिया कब्जा कर जुताई कर रहे हैं। जो नियम विरुद्ध है। थानाध्यक्ष रामआसरे सरोज ने बताया कि शान्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों को जुताई करने से रोक दिया गया है।
