कासगंज: महिला लिपिक को रिश्वत मांगनी पड़ी महंगी, खंड शिक्षा अधिकारी अब करेंगे जांच
कासगंज, अमृत विचार। चयन वेतनमान लगाने के नाम पर सोरों विकासखंड क्षेत्र की महिला लिपिक ने शिक्षिका से रिश्वत मांग ली। शिक्षिका ने जब रिश्वत देने से मना किया तो तमाम बहाने बनाकर चयन वेतनमान में अड़चन पैदा कर दी। इसकी शिकायत बीएसए से की गई तो बीएसए ने मामले में संज्ञान लिया और शिक्षिका एवं लिपिक को कार्यालय में बुलाया। यहां शिक्षिका ने अपना पक्ष रखा वही लिपिक ने स्वीकार किया कि चयन वेतनमान की एवज रिश्वत मांगी थी। इस पर बीएसए ने लिपिक का वेतन रोकते हुए जांच शुरू कर दी है।
सोरों विकासखंड क्षेत्र के गांव लुहर्रा पर तैनात शिक्षिका आकांक्षा पांडे का चयन वेतनमान लगना है। इसको लेकर उन्होंने सोरों विकासखंड कार्यालय में तैनात शिक्षा विभाग की कनिष्ठ लिपिक पूजा मिश्रा से संपर्क किया। कनिष्ठ लिपिक ने चयन वेतनमान लगाने की एवज 3000 रुपये की रिश्वत मांगी। इसकी शिकायत शिक्षिका ने बीएसए राजीव कुमार से की। बीएसए ने मामले की जांच के लिए शिक्षिका और लिपिक दोनों को कार्यालय में बुलाया। वहां दोनों से उनका पक्ष जाना। शिक्षिका ने तथ्यपूर्ण तरीके से अपना पक्ष रखा। वहीं लिपिक ने स्वीकार किया कि वेतनमान लगाने की एवज 3000 रुपये मांगे थे। इस पर बीएसए ने तत्काल प्रभाव से लिपिक का वेतन रोक दिया है और मामले की जांच शुरू करा दी है।
पटियाली के खंड शिक्षा अधिकारी करेंगे जांच
मामले की जांच बीएसए ने पटियाली के खंड शिक्षा अधिकारी को सौंप दी है और उनसे जल्द ही जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है, जिससे की अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा सके।
शिक्षिका ने लिपिक की शिकायत की थी। शिकायत पर दोनों को कार्यालय में बुलाया गया। यहां लिपिक ने स्वीकार किया कि उसने चयन वेतनमान लगाने की एवज रिश्वत मांगी थी। उसका वेतन रोक दिया गया है और मामले की जांच शुरू करा दी गई है---राजीव कुमार, बीएसए।
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