Chitrakoot News: जलभराव से परेशान लोगों का फूटा गुस्सा, हाईवे किया जाम, बोले- आश्वासनों की सिर्फ मिलती घुट्टी
चित्रकूट में जलभराव से परेशान लोगों का फूटा गुस्सा।
चित्रकूट में जलभराव से परेशान लोगों का गुस्सा फूटा। ट्रांसपोर्टनगर के बाशिंदों ने हाईवे जाम कर दिया। लगभग ढाई घंटे की जद्दोजहद के बाद जब तहसीलदार ने वहां पहुंचकर लोगों को समझाया।
चित्रकूट, अमृत विचार। आखिरकार आश्वासनों से आजिज लोगों का आक्रोश फूट ही पड़ा। अधूरे नाले से हो रहे जलभराव, अधूरी सड़क से आवागमन में दिक्कत, संक्रामक बीमारियों की आशंका, आएदिन होने वाली दुर्घटनाओं से परेशान ट्रांसपोर्टनगर के बाशिंदे सोमवार की सुबह राष्ट्रीय राजमार्ग सत्संग भवन के पास सैकड़ों की तादाद में बैठ गए।
इससे आवागमन बाधित हो गया। इनका कहना था कि इस गंभीर समस्या को लेकर जिम्मेदारों का रवैया बहुत ज्यादा लापरवाही भरा है। लगभग ढाई घंटे की जद्दोजहद के बाद जब तहसीलदार ने वहां पहुंचकर लोगों को समझाया, ज्ञापन लिया और काम शुरू कराया गया तब जाकर ये लोग माने।लोग सड़क जाम कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इससे नौकरीपेशा और बच्चों को काफी परेशानी हुई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने की धमकी दी पर आक्रोशित लोग नहीं उठे। इन लोगों का कहना था कि लगभग साठ मीटर सड़क अधूरी होने से समस्या लगभग दो साल से बनी हुई है।
कई बार शासन प्रशासन को अवगत कराया गया पर समाधान नहीं हुआ। मजबूर होकर उन लोगों ने यह रास्ता अपनाया। सूचना पाकर पहले यातायात पुलिसकर्मी पहुंचे और लोगों को समझाया। नहीं माने तो वहां कोतवाली प्रभारी गुलाब चंद्र त्रिपाठी ने जाम खुलवाने की कोशिश की पर लोग बैठे रहे। इसके बाद ईओ पहुंचे और फिर उन्होंने आश्वासन देकर लोगों को हटवाना चाहा पर ये नहीं माने।
इसके बाद वहां तहसीलदार पहुंचे और लोगों से ज्ञापन लिया। उन्होंने ईओ से बातकर जेसीबी मंगवाई और पालिकाकर्मी जलनिकासी कराने की व्यवस्था में जुटे तो लोगों का रोष शांत हुआ। इस दौरान लगभग ढाई घंटे तक आवागमन बाधित हुआ।
गौरतलब है कि कछारपुरवा से हाईवे को जोड़ने वाली सड़क पर जलभराव हो रहा है। इसकी वजह यहां के नाले का अधबना होना और जलनिकासी की व्यवस्था न होना है। लोगों का कहना है कि सड़क के नीचे गटर होने से यहां हमेशा गंदा पानी भरा रहता है।
नगर पंचायत ने इसे बनवाया तो भी आधाअधूरा छोड़ दिया। लोगों ने बीते दिनों एक बार फिर प्रशासन को इस संबंध में ज्ञापन देकर बताया था पर कोई फायदा नहीं हुआ। सोमवार सुबह लगभग आठ बजे सैकड़ों की संख्या में लोगों ने हाईवे पर धरना दे दिया। इससे दोनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गईं।
पालिका से मिला सिर्फ आश्वासन
गौरतलब है कि कछारपुरवा नगर पालिका के विस्तारित क्षेत्र में आता है। यह वार्ड नंबर आठ ट्रांसपोर्टनगर में शामिल किया गया है। यहां के लोगों का कहना है कि जब उनका इलाका नपा में शामिल किया गया तो उनको लगा था कि यहां की समस्याएं दूर होंगी पर दूर होने के बजाय ये बढ़ीं। डेढ साल पहले तत्कालीन ईओ रामअचल कुरील ने इस नाले को खुदवाया तो इसे पूरा नहीं बनवाया।
ऐसे में सड़क क्षतिग्रस्त होने से लोगों के नाले में भी गिरने का खतरा बना रहता है। पहले से ही जलभराव की समस्या का सामना कर रहे लोगों को इस नाले ने और दिक्कत दी। पालिकाध्यक्ष नरेंद्र गुप्ता, ईओ लालजी भी कई बार यहां लोगों को समस्या के निदान का भरोसा दिला चुके हैं। जब आश्वासन जमीनी स्तर पर नहीं उतरा तो आखिरकार परेशान लोगों को यह कदम उठाना पड़ा।
अक्सर होती हैं दुर्घटनाएं
लोगों ने बताया कि इस रास्ते पर जलभराव होने से कई तरह की दिक्कतें होती हैं। रात में यहां निकलना खतरे से खाली नहीं। बरसात में तो जान जोखिम में डालकर लोग आते जाते हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्गों और बच्चों को होती है। बताते हैं कि यहां पर दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। इसके अलावा रात में जहरीले कीड़े भी निकलते हैं। सभासद शंकर प्रसाद यादव ने बताया कि जब ईओ लालजी यहां आए तो उन्होंने उनका इस दिक्कत के लिए यहां मुआयना भी कराया था।
