शाहजहांपुर: नहीं टला बाढ़ का खतरा, फिर बढ़ा पांच नदियों का जलस्तर

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Edited By Amrit Vichar
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शाहजहांपुर, अमृत विचार। जिले में बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है। बीते तीन दिन से लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखकर बाढ़ आने की आशंका बनी हुई है। बाढ़ का खतरा अब भी मंडराता नज़र आ रहा है। जिले की पांच नदियों का जलस्तर बुधवार को बढ़ गया।

गंगा नदी का जलस्तर कछला घाट गेज स्थल पर 1.12 सेंटीमीटर बढ़ा। जबकि गंगा नदी का ही जलस्तर भैसार ढाईघाट गेज स्थल पर स्थित रहा। रामगंगा नदी का जलस्तर चौबारी घाट गेज स्थल पर 0.42, रामगंगा नदी का जलस्तर डबरी घाट गेज स्थल पर 0.94, गर्रा नदी का जलस्तर अजीजगंज पुल गेज स्थल पर 0.3, खन्नौत नदी का जलस्तर लोधीपुर पुल पर 0.1 सेमी बढ़ा।
 
गंगा नदी में नरोरा बैराज से 46458 क्यूसेक पानी बुधवार को छोड़ा गया। इसी तरह विभिन्न बैराज से रामगंगा नदी में 21156 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। लगभग एक सप्ताह से गर्रा नदी में पानी नहीं छोड़ा जा रहा था, लेकिन बुधवार को गर्रा नदी में भी 1188 क्यूसके पानी छोड़ा गया।

लगातार नदियों का जलस्तर बढ़ने से यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि अभी भी बाढ़ का खतरा टला नहीं है। बीते चार दिन से नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। इससे निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को बाढ़ की आशंका सताने लगी है। दूसरी ओर बैराज से नदियों में पानी छोड़ने का क्रम भी जारी है। गर्रा नदी में बीते तीन दिन से कोई पानी नहीं छोड़ा जा रहा था, लेकिन बुधवार को उसमें भी पानी छोड़ा गया है। इसी तरह गंगा और राम गंगा नदी में भी अब ज्यादा मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। इसे लेकर चिंता बनी हुई है।

रामगंगा उफनाई, दहशत में ग्रामीण
मिर्जापुर में गंगा शांत है, लेकिन रामगंगा लगातार उफनाती जा रही है। रामगंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती गांवों के लोगों की बैचेनी बढ़ती जा रही है। पहरूआ मे रंगेश्वर महादेव और मौजमपुर में शिव मन्दिर रामगंगा के निशाने पर आ गया है।

बीते दो दिनों से रामगंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से नदी उफनाने लगी है। मुरादाबाद-फरूखाबाद स्टेट हाइवे पर जरियनपुर के पास रामगंगा की बाढ़ का पानी चलने लगा है। इसी तरह जलस्तर बढ़ता रहा तो जल्द कस्बे में बाढ़ का पानी घुस जाएगा। बाढ़ के पानी से फसलें जलमग्न होती जा रही हैं। मौजमपुर में बढ़ते जलस्तर के कारण शिव मन्दिर के पास की जमीन धंसने लगी है। मन्दिर को रामगंगा अपने आगोश मे लेने को बेताब दिख रही है। वहीं पहरूआ स्थित रंगेश्वर महादेव मन्दिर भी रामगंगा के निशाने पर है। हरिहरपुर, पहरूआ, कुनिया, पहाड़पुर, कीलापुर समेत तटवर्ती गांवों के लोग रामगंगा के आक्रोश से भयभीत दिख रहे हैं।

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