बरेली: चेक होंगे बिजली विभाग के सारे फाल्ट, जांच समिति के आगे अफसरों को 25 बिंदुओं पर देना होगा जवाब

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। बिजली विभाग के सिस्टम में क्या-क्या फाल्ट हैं, यह चेक करने विधान परिषद की प्रदेशीय विद्युत जांच समिति आ रही है।

सभापति डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त की अगुवाई में 25 सदस्यीय समिति 18 सितंबर की रात यहां पहुंकर 19 सितंबर को सर्किट हाउस में बैठक करेगी और अफसरों से उपभोक्ता सुविधा और भ्रष्टाचार पर आधारित 25 बिंदुओं पर जवाब लेगी। पहले से जारी इन बिंदुओं पर अधिकारियों ने रिपोर्ट तैयार करनी शुरू कर दी गई है। कुछ सवालों पर उनके पसीने भी छूट रहे हैं।

समिति की ओर तय किए गए प्रमुख बिंदुओं में हेल्पलाइन 1912 पहले नंबर पर है जिसमें पूछा गया है कि जिले में हेल्पलाइन पर कितनी शिकायतें आईं और कितनी निस्तारित हुईं। किस सब स्टेशन से संबंधित सबसे ज्यादा शिकायतें आईं, ऐसे तीन सब स्टेशनों के नाम भी मांगे गए हैं। यह भी पूछा गया है कि कितने बिल संशोधित कर कितनी छूट उपभोक्ताओं को दी गई। गलत बिल जारी करने वालों पर क्या कार्रवाई की गई। उपभोक्ता को अनावश्यक परेशानी के लिए कौन-कौन जिम्मेदार है, इसकी रिपोर्ट मांगी गई है।

समिति के प्रमुख बिंदुओं में जिले के सब स्टेशनों में सिटीजन चार्टर की व्यवस्था पर सवाल शामिल है। पूछा गया है कि 60 साल से ऊपर वाले उपभोक्ताओं की सुविधाओं के लिए क्या व्यवस्थाएं की गई हैं और कितने पोस्टपेड मीटर प्री पेड में बदले गए।

पसीना छूटेगा इन सवालों का सही जवाब देने में
- जनपद में आबादी के हिसाब से बिजली सप्लाई की किलोवाट के हिसाब से स्थिति क्या है।
- लोड के अनुरूप ट्रांसफार्मरों की स्थिति क्या है।
- क्या विभागीय भ्रष्टाचार और दूसरे प्रकरणों में चेक किए जाने वाले एरिया को स्थानीय अधिकारियों के अलावा सत्यता की जांच के लिए दूसरे एरिया के अधिकारियों से क्रॉस चेक कराया जाता है, इस साल ऐसे कितने प्रकरण थे।
- विभागीय व्यवस्था को भ्रष्टाचार मुक्त रखने के लिए उच्चाधिकारियों ने क्षेत्रीय कार्यालयों का औचक निरीक्षण कब-कब और कहां-कहां किया, क्या परिणाम रहे।
- क्या प्रत्येक ट्रांसफार्मर पर लगे मीटर के हिसाब से एरिया से प्राप्त राजस्व का आकलन किया जाता है, 2021-22 से अब तक के आकलन की क्या स्थिति है।
- एक साल में विभाग/विजिलेंस ने बिजली चोरी के कितने मामलों में रिपोर्ट दर्ज कराई. इन प्रकरणों में क्या किसी विभागीय कर्मचारी की संलिप्तता पाई गई।
- सरकारी-अर्द्धसरकारी कार्यालयों पर एक साल का कितना बकाया है, इसकी वसूली के लिए क्या किया।
- वाणिज्यिक औरऔद्योगिक इकाइयों को कनेक्शन देने की क्या स्थिति है।
- कितने घरेलू और व्यावसायिक कनेक्शन जिले में 2021-22 से अब तक दिए गए, कितने शेष हैं।
निष्प्रयोज्य खंभों से मिल सकती है राहत

जिले में भारी संख्या में निष्प्रयोज्य पोल खड़े हैं। शहर के कई स्थानों पर तार लटक रहे हैं, जिनमें पावर सप्लाई नहीं है। इन खंभों को हटाने के लिए पिछली बैठकों में आश्वस्त किया गया था, बाद में आदेश भी जारी किया गया था। इस आदेश के बाद कितने पोल हटाए गए, जो बाकी हैं वह कितने दिन में हट जाएंगे, इसकी भी रिपोर्ट मांगी गई है।

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