इलाहाबाद हाईकोर्ट: चर्चित ज्योति हत्याकांड के आरोपियों की जमानत याचिका खारिज

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प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चर्चित ज्योति श्याम दासानी हत्या मामले में पति पीयूष श्याम दासानी के साथ अन्य दो की क्रिमिनल अपील में बेल पर सुनवाई करते हुए खारिज कर दिया और अपील को वर्ष 2024 के मार्च में अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया है। उक्त आदेश न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी और न्यायमूर्ति मोहम्मद अजहर हुसैन इदरीसी की खंडपीठ ने क्रिमिनल अपील पर सुनवाई करते हुए पारित किया है।

कानपुर नगर के थाना स्वरूपनगर में 28 जुलाई 2014 को आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत अभियुक्त ने स्वयं कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ अपनी पत्नी के अपहरण और हत्या की प्राथमिक दर्ज कराई। बाद में पुलिस जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि अभियुक्त पीयूष दासानी ने अपनी पत्नी की हत्या की मनगढ़ंत कहानी पुलिस के सामने सुनाई थी। मालूम हो कि अभियुक्त द्वारा दर्ज प्राथमिकी के तथ्यों के अनुसार 27 जुलाई 2014 की रात 11:30 बजे आरोपी अपनी पत्नी के साथ लौट रहा था। तभी चार मोटरसाइकिल पर सवार होकर कुछ अज्ञात लोग आए और उसके साथ मारपीट करने लगे।

विरोध करने पर आरोपी को गाड़ी से बाहर फेंक दिया तथा स्वयं उसकी गाड़ी में सवार होकर पत्नी का अपहरण कर भाग गए। जमानत याचिका का विरोध करते हुए सरकारी अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपी द्वारा दिए गए बयान के अनुसार उसकी गाड़ी में टक्कर के कोई निशान नहीं है। इसके अलावा उसने अपना मेडिकल परीक्षण करवाने से भी इंकार कर दिया।

इसके साथ ही आरोपी व उसकी पत्नी के बीच शादी के बाद से संबंध मधुर नहीं थे, क्योंकि उसका किसी अन्य महिला के साथ अवैध संबंध था। सभी तर्कों को सुनने के बाद कोर्ट ने निष्कर्ष निकाला कि आरोपी के साथ दो अन्य अपीलकर्ता रेनू उर्फ़ अखिलेश कन्नौजिया और सोनू कश्यप कांट्रैक्ट किलर हैं। जिन्होंने पैसे के लिए मृतिका की बर्बरतापूर्वक हत्या कर डाली।

कोर्ट ने आरोपी के व्यवहार पर आश्चर्य प्रकट करते हुए कहा कि अवैध संबंध के कारण अपनी महिला मित्र के ड्राइवर का इस्तेमाल कर अपनी पत्नी की हत्या करवाने वाला व्यक्ति खुद ही सामने से आकर उसके अपहरण और हत्या की प्राथमिकी दर्ज करवाता है। निश्चित रूप से ऐसा व्यक्ति एक पेशेवर हत्यारे से कम नहीं माना जा सकता, जिसने सोच-समझकर और सुनिश्चित योजना के साथ अपनी पत्नी की हत्या करवाई। अतः ऐसा व्यक्ति निश्चित रूप से जमानत का हकदार नहीं है।

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