Kanpur में नहीं रूक थम रहा वायरल बुखार का प्रकोप, हैलट ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़, बच्चे भी चपेट में

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर के हैलट अस्पताल की ओपीडी में बीमार लोगों की लगी भीड़।

कानपुर के हैलट अस्पताल की ओपीडी में वायरल बुखार के मरीजों की भीड़ लगी हुई है। लोगों की प्लेटलेट्स गिरने के साथ लिवर भी कमजोर हो रहा है।

कानपुर, अमृत विचार। जिले में इस समय वायरल बुखार का प्रकोप अधिक हो गया है, जिसकी गिरफ्त में बड़ों के साथ ही बच्चे भी आ रहे हैं। इसके आलावा डेंगू व मलेरिया के लक्षणयुक्त मरीजों की भी संख्या अस्पतालों में काफी हो रही हैं। शुक्रवार को वायरल व डेंगू के लक्षणयुक्त करीब 48 मरीज मेडिसिन विभाग की इमरजेंसी में भर्ती किए गए, जिस इमरजेंसी में बेड फुल होने पर उनको वार्ड में शिफ्ट करना पड़ा। 

जिले में इस समय वायरल के साथ ही डेंगू व मलेरिया का आंतक है, इसी बीच चिकनगुनिया ने भी दस्तक दे दी है। वायरल व मौसमी बुखार, बैक्टीरिया और मच्छर जनित रोगों का एक साथ हमला होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है, सबसे अधिक समस्या उनको हो रही है, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है। क्योंकि ऐसे लोग बीमारियों की गिरफ्त में जल्द आ रहे हैं। लोगों को बुखार, खांसी, जुकाम के साथ ही हड्डियों में भी अधिक दर्द की झेलना पड़ रहा है।

शुक्रवार को हैलट की मेडिसिन ओपीडी में तीन सौ मरीज, उर्सला में 180 मरीज, कांशीराम में 150 व केपीएम अस्पताल में 90 मरीज वायरल बुखार से ग्रस्त पहुंचे। हैलट में 48 मरीज, बाल रोग अस्पताल में 17 बच्चें, उर्सला में 22, केपीएम में 10 व कांशीराम संयुक्त अस्पताल में 16 मरीज भर्ती किए गए। हैलट इमरजेंसी में बेड भर जाने की वजह से मरीजों को वार्ड में रेफर किया गया। 

लिवर को पहुंचा रहा नुकसान 

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग के आचार्य प्रो. एसके गौतम ने बताया कि यह बुखार जहां एक तरफ लोगों की हड्डियों पर अधिक प्रभाव डाल रहा है। वही, लिवर को भी नुकसान पहुंचाने का काम कर रहा है। लिवर के कमजोर होने की वजह से लोग खाना या पौष्टिक चीजों का सेवन नहीं कर पा रहे हैं, वहीं अगर सेवन करते भी है तो उनको उल्टी हो जाती है। ऐसे में शरीर की  रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है और संक्रमण व बैक्टिरिया हावी हो जाते हैं, जिस वजह से मरीज व्यक्ति की हालत और खराब होने लगती है। 

वायरल व डेंगू से बच्चे भी परेशान 

हैलट के बाल रोग विभाग के डॉ.यशवंत राव ने बताया कि बारिश के बाद मौसमी व वायरल बुखार की गिरफ्त में बच्चे अधिक आ रही हैं। बुखार की वजह से उनको उल्टी, दस्त, खांसी, चिड़चिड़ापन व आदि समस्या हो रही है। ओपीडी में प्रतिदिन 70 से 80 बच्चे वायरल व डेंगू के लक्षणयुक्त आ रहे हैं। उनके अभिभावकों को मच्छरों, वायरल व बच्चों को बैक्टिरिया से बचाव की जानकारी देने की साथ ही साफ-सफाई विशेष ध्यान रखने की सलाह भी दी जा रही है।

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