बरेली: 31 केंद्रों पर 90 फीसदी अभ्यर्थियों ने दी नीट की परीक्षा
बरेली, अमृत विचार। रविवार को जिले के 31 केंद्रों पर हुई नेशनल एजिलिबिलटी कम इंट्रेंस टेस्ट (नीट) की परीक्षा शांति पूर्वक समाप्त हुई। इस परीक्षा में अब तक हुई सभी प्रवेश परीक्षाओं से सबसे ज्यादा उपस्थिति रही। 90 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। महज 10 फीसदी अभ्यर्थियों ने ही परीक्षा छोड़ी। परीक्षा में …
बरेली, अमृत विचार। रविवार को जिले के 31 केंद्रों पर हुई नेशनल एजिलिबिलटी कम इंट्रेंस टेस्ट (नीट) की परीक्षा शांति पूर्वक समाप्त हुई। इस परीक्षा में अब तक हुई सभी प्रवेश परीक्षाओं से सबसे ज्यादा उपस्थिति रही। 90 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। महज 10 फीसदी अभ्यर्थियों ने ही परीक्षा छोड़ी।
परीक्षा में कुल 13,996 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इसमें से 12,503 अभ्यर्थियों ने परीक्षा में शामिल हुए। जबकि 1493 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। अभ्यर्थियों ने बताया कि परीक्षा में किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं आई। पेपर बिल्कुल आसान आया था। 180 प्रशनों को करने के लिए तीन घंटे का समय दिया गया था, जो पर्याप्त था। उम्मीद है कि इस बार वह परीक्षा को पास कर लेंगे।
उनका कहना था कि कोरोना की वजह से उन्हें परीक्षा की तैयारी करने के लिए और ज्यादा समय मिल गया। हालांकि परीक्षा केंद्र पर तीन घंटे पहले प्रवेश होने से तीन घंटे तक खाली बैठना पड़ा।
यह समय उनके लिए सबसे कठिन साबित हुआ। सिटी कोऑर्डिनेटर वीके मिश्रा ने बताया कि परीक्षा के लिए बनाए गए आइसोलेशन कमरों की आवश्यकता नहीं पड़ी। सभी बच्चे एकदम स्वस्थ्य निकले किसी के शरीर का तापनमान न तो अधिक मिला और न ही उनमें कोरोना के कोई लक्षण दिखाई दिए।
सोशल डिस्टेंसिंग इस परीक्षा में भी नहीं करा पाए
इस परीक्षा में अन्य हुई प्रवेश परीक्षाओं से ज्यादा अभ्यर्थियों की उपस्थिति रही। केंद्रों पर सर्तकता भी बढ़ा दी गई थी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने अभ्यर्थियों के प्रवेश पत्र पर भले ही केंद्रों पर प्रवेश करने का समय अलग-अलग दिया गया था। मगर इसके बाबजूद भी अधिकांश केंद्रों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होता दिखाई नहीं दिया। न ही प्रवेश द्वार पर बच्चों को धूप से बचाने के लिए कोई उपाय किए गए थे। तेज धूप और उमस के बीच बच्चों को घंटों लाइन में लगकर थर्मल स्क्रीनिंग और जांच करानी पड़ी।
“पेपर न तो बहुत ज्यादा आसान था और नहीं बहुत ज्यादा कठिन, मीडियम था। पेपर हल करने में कोई समस्या नहीं आई। उम्मीद है इस बार मेरा सलेक्शन हो जाएगा।” — तनु प्रिया, बरेली
“परीक्षा में तो कोई समस्या नहीं आई, एकदम सरल था। हांलाकि मन में कोरोना को लेकर थोड़ी दहशत जरूर थी। लेकिन पेपर तो देना ही था। केंद्र से बिना मास्क वालों को मास्क भी दिए गए।” — तय्यबा रफी, पीलीभीत
“परीक्षा में 180 प्रशन आए थे, जिन प्रशनों में थोड़ा भी समय लगा या लगा वह गलत हो सकता है। उनको छोड़ दिया। क्योंकि निगेटिव मार्किंग से बचना था।” — रितिक, मुरादाबाद
