बदायूं: खुलासा...अवैध संबंध में नहीं बल्कि लूट के विरोध में हुई अभिषेक की हत्या, जानिए पूरा मामला

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Edited By Amrit Vichar
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रक्षाबंधन की रात पैदल जा रहे अभिषेक शर्मा की चाकू से गोदकर हुई थी हत्या

बदायूं, अमृत विचार। रक्षाबंधन की रात में पैदल अपने घर जा रहे युवक का मोबाइल लूटकर चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के भाई ने युवक के प्रेम प्रसंग के चलते हत्या की तहरीर देते हुए तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने उन तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पता चला कि हत्या के समय वह बहुत दूर थे। पुलिस को पता चला कि प्रेम प्रसंग के चलते नहीं बल्कि लूट की वजह से हत्या की गई है।

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पुलिस ने उसका लूटा हुआ मोबाइल सर्विलांस पर लगाया। जिसमें नया सिम डालकर ऑन होने पर पुलिस और एसओजी उन तक पहुंच गई। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जबकि उनका एक साथी फरार है। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने लूट के इरादे से युवक को रोका था। ज्यादा विरोध करने पर अपने बचाव के लिए उसपर चाकू से हमला किया था। 

कोतवाली दातागंज क्षेत्र के गांव बिहारीपुर निवासी अभिषेक शर्मा पुत्र महेश चंद्र शर्मा गांव हजरतपुर स्थित अपने मौसा उमेश शर्मा के लोहे के कारखाने में काम सीख रहे थे। 30 अगस्त की रात उन्होंने काम निपटाया। अपने परिचित के साथ बाइक पर गांव डहरपुर तक आए। जहां से मोबाइल पर अपने प्रेमिका से चैटिंग करते हुए पैदल अपने गांव जा रहे थे। रास्ते में घात लगाए खड़े एक बाइक पर तीन युवकों ने अभिषेक शर्मा और उनके कंधे पर टंगा बैग देखा तो अपने बाइक से उन्हें टक्कर मारकर सड़क पर गिरा दिया। 

मोबाइल, बैग छीन लिया। अभिषेक शर्मा के विरोध करने पर उन्होंने चाकू से हमला कर दिया था। अभिषेक शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर परिजन पहुंचे। घायल को बरेली के अस्पताल ले गए। जहां उनकी मौत हो गई। अभिषेक के भाई मनोज शर्मा ने तहरीर देकर बताया था कि उनके भाई का थाना अलापुर क्षेत्र के गांव खिरिया निवासी युवती से प्रेम प्रसंग था। आरोप लगाया कि युवती के परिजनों ने अभिषेक की हत्या की है। पुलिस ने तहरीर के अनुसार आरोपियों को गिरफ्तार करके पूछताछ की। पता चला कि हत्या में उनका हाथ नहीं है। 

पुलिस और एसओजी जांच करती रही। अभिषेक शर्मा का लूटा हुआ मोबाइल सर्विलांस पर लगाया। उस मोबाइल में दूसरा सिम डाला गया तो हत्यारोपी थाना मूसाझाग क्षेत्र के गांव हथिनीभूड़ निवासी वसीम पुत्र निजामुद्दीन, ओमेंद्र पुत्र श्रीपाल, जीशान के नाम सामने आए। पुलिस ने छछऊ मोड़ से वसीम और ओमेंद्र को गिरफ्तार कर लिया जबकि उनका तीसरा साथी फरार है। सोमवार को एसपी सिटी अमित किशोर श्रीवास्तव ने खुलासा करके जानकारी दी। सीओ कर्मवीर सिंह, प्रभारी निरीक्षक सौरभ सिंह, एसओजी प्रभारी धर्वेंद्र सिंह मौजूद रहे।

आरोपी को जकड़ा तो बचने को किया हमला
हत्यारोपी अपराध की दुनिया में कदम रख रहे थे। उन्होंने 15 दिन पहले दातागंज कस्बा से 100 रुपये में चाकू खरीदा था। 30 अगस्त की रात राहगीरों को लूटने के लिए बिहारीपुर मार्ग पर खडे़ थे। सामने से अभिषेक शर्मा आते हुए नजर आए। जिनके कंधे पर बैग टंगा था। आरोपियों ने सोचा कि बैग में महंगा सामान हो सकता है। जिसके चलते उन्होंने अभिषेक को घेर लिया। अभिषेक शरीर से अच्छे थे। 

उन्होंने वसीम की गर्दन में टंगा गमछा पकड़ते हुए उसकी गर्दन जकड़ ली। उसे दूर तक ले गया। उसके दोनों साथियों ने बचाव की कोशिश की लेकिन अभिषेक की मजबूत पकड़ को छुड़ाने में नाकाम रहे तो ओमेंद्र ने अभिषेक पर चाकू से हमला किया। इसके बाद भी अभिषेक ने वसीम को नहीं छोड़ा। जिसके बाद जीशान ने चाकू लिया और अभिषेक की कमर में पीछे से चाकू घोंप दिया। और तीनों हत्यारोपी वहां से फरार हो गए। पुलिस ने हत्यारोपियों को गिरफ्तार करके गांव सकतपुर के ट्यूबवैल के पास गन्ने के एक खेत से आलाकत्ल चाकू बरामद किया।

तहरीर पर काम करती पुलिस तो फंस जाते निर्दोष
मृतक के भाई तहरीर देकर तीन लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अभिषेक की मोबाइल डिटेल के आधार पर भी स्पष्ट हो रहा था कि उसकी युवती से बात होती है। पुलिस अगर मृतक के भाई की तहरीर और मोबाइल डिटेल को आधार मानकर काम करती तो तीन निर्दोष फंस जाते। पुलिस और एसओजी ने मामले की तह तक गई तो मामला कुछ और ही निकला। लूट का विरोध करने पर हत्या की बात सामने आई। हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के बाद मुकदमा के आरोपियों के चेहरे पर सुकून साफ नजर आ रहा था।

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