Ganesh Chaturthi 2023: आज पधारेंगे गणपति बप्पा, ऐसे करें विघ्नहर्ता का पूजन, यह है स्थापना का शुभ मुहूर्त
कानपुर में पंडालों से लेकर घरों तक आज गणपति बप्पा पधारेंगे।
कानपुर में पंडालों से लेकर घरों तक आज गणपति बप्पा पधारेंगे। सुतरखाना और लाठी मोहाल में सोमवार को ही विघ्नहर्ता विराजे। इसके साथ ही पारंपरिक पूजन भी हुआ।
कानपुर, अमृत विचार। गणेश चतुर्थी पर्व की शुरुआत हो गई है। शहर में सबसे पहले सुतरखाना स्थित सिद्धिविनायक मंदिर और लाठी मोहाल में विघ्नहर्ता पंडाल में विराजान किए गए। सुतरखाना में गणपति को विराजमान करने से पहले भक्तों ने प्रभु को नगर भ्रमण भी कराया। मंगलवार को महाराष्ट्र मंडल और शहर में लगभग 15 सौ सार्वजनिक पंडालों में लंबोदर विराजमान होंगे।

लगभग 4 हजार घरों में भी प्रथम पूजनीय गणपति स्थापित किए जाएंगे। सुतरखाना स्थित सिद्धिविनायक मंदिर में सोमवार सुबह सबसे पहले गणपति का पूजन कर उन्हें पालकी पर बैठाया गया। भक्तों ने पालकी को आस-पास के इलाके में भ्रमण कराया। इस दौरान कई स्थानों पर भक्तों ने आरती उतारी। मंदिर के सर्वराकार ने बताया कि इस बार मंदिर की ओर से ‘गंग गणपति’ की स्थापना की गई है।
प्रतिमा की खासियत यह है कि एक ही प्रतिमा में मां गंगा और गणपति दोनो के दर्शन हो सकेंगे। उधर लाठी मोहाल स्थित राधे-राधे बाल गोपाल समिति ने लाठी मोहाल के राजा को विराजमान किया। यहां स्थापित प्रतिमा में गणेश जी के साथ रिद्धि- सिद्धि जी भी साथ हैं। विजय राठौर, ज्ञानेन्द्र विश्नोई, अरुण तिवारी, अनिल गुप्ता रहे।

राशि के मुताबिक यह उपाय करे
= मेष राशि वाले गणेश चतुर्थी पर गणेश जी के वक्रतुण्ड रूप की पूजा कर गुड़ का भोग लगाएं।
= वृषभ राशि के लोग गणेश जी के विनायक रूप की आरधना कर मिश्री अर्पित करें।
= मिथुन राशि के लोगों को मूंग की दाल या मूंग के लड्डुओं का जरूरतमंदों को दान करना चाहिए।
= कर्क राशि के जातक गणपति बप्पा को 11 मोदकों का भोग लगा कर 11 कन्याओं को खिलाएं।
= सिंह राशि वाले गणेश चतुर्थी के दस दिनों में किशमिश डालकर गणेश जी को खीर का भोग लगाएं।
= कन्या राशि वाले गणेश चतुर्थी पर गणेश जी के बाल स्वरूप की पूजा करें और सुखे मेवे का भोग लगाएं।
= तुला राशि के लोग गणेश भगवान को 5 नारियल चढ़ाएं और घी का 10 दिन तक दीपक जलाएं।
= वृश्चिक राशि के जातक गणेश चतुर्थी के 10 दिनों तक ‘श्वेतार्क गणेश’ रूप की तिल चढ़ाते हुए पूजा करें।
= धनु राशि के लोगों को गणेश चतुर्थी से दस दिनों तक ‘ॐ गं गणपतय: नमः’ मंत्र का 21 बार जाप करें।
= मकर राशि वाले गणेश चतुर्थी के पर्व पर गणेश जी को इलायची, लौंग और पीले फूल अर्पित करें।
= कुंभ राशि के लोगों को गणेश चतुर्थी पर मंदिर में दान करना चाहिए और 10 दिनों तक मोदक का भोग लगाएं।
= मीन राशि के लोगों को ‘हरिद्रा गणेश की पूजा’ कर शहद और केसर चढ़ाने से लाभ मिल सकता है।
घरों में ऐसे करें विघ्नहर्ता का पूजन
ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि प्रथम पूजनीय गणपति का पूजन विधानपूर्वक करना चाहिए। यदि घर पर प्रतिमा स्थापित कर रहे हैं तो मंदिर को साफ कर घर को सजाना चाहिए। घर या कमरे के ईशान कोण में लकड़ी की चौकी रख कर लाल या पीले रंग का वस्त्र बिछाएं। मुहूर्त में गणपति की प्रतिमा को घर लाकर चौकी पर विराजमान करना चाहिए। पूजन में उन्हें सिंदूर, फूलमाला, धूप, दीप, अक्षत, पान, लड्डू, मोदक, दूर्वा आदि अर्पित करना चाहिए। इसके बाद नियमित रूप से पूजा करना चाहिए। पांचवें, सातवें या अनंत चतुर्दशी के दिन उनका विसर्जन करना चाहिए।
यह है गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त
19 सितंबर दोपहर 1 बजकर 43 मिनट तक चतुर्थी तिथि रहेगी। उदया तिथि के अनुसार 19 सितंबर को भी गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जा सकेगा।
इस बार नहीं विराजेंगे नवाबगंज के राजा
गणेश चतुर्थी पर इस बार डीपीएस नगर निगम इंटर कॉलेज के मैदान में इस बार नवाबगंज के राजा नहीं विराजमान होंगे। कार्यक्रम संयोजक संजय उपाध्याय ने जानकारी दी कि किन्हीं वजहों से कमेटी की ओर से यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इस वर्षसिर्फ उनके घर पर प्रतिमा स्थापना के साथ भक्तों को प्रसाद वितरित किया जाएगा।
