लखीमपुर खीरी: सुतिया नाले में डूबकर किशोर की मौत

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Edited By Amrit Vichar
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लखीमपुर खीरी, अमृत विचार। थाना खमरिया क्षेत्र में सुतिया नाला में घुसी भैंस को निकालते समय 16 वर्षीय किशोर गहरे पानी में चला गया, जिससे उसकी डूबकर मौत हो गई। हादसे की सूचना पर पहुंचे परिवार वालों ने ग्रामीणों की मदद से उसका शव नाले से बाहर निकाला।

खमरिया थाना क्षेत्र के गांव दुलही गैसापुर के बाहर सुतिया नाला निकला है। गांव के ही बाबू का 16 वर्षीय पुत्र अर्जुन रोज की तरह मंगलवार को भी सुतिया नाले के किनारे भैंस चराने गया था। दोपहर बाद अचानक एक भैंस नाले में जा पहुचीं, जिसको बाहर निकालने के लिए अर्जुन भी पानी में चला गया।

भैंस को बाहर निकालने का प्रयास करते समय वह गहरे पानी में जाकर डूब गया। नाले के पास मौजूद अन्य चरवाहों ने उसे डूबते देखा तो शोर मचाया और गांव जाकर उसके घर वालों को डूबने की जानकारी दी। इससे परिवार में चीख पुकार मच गई। रोते-बिलखते परिवार के लोग तमाम ग्रामीणों के साथ मौके पर आ गए।

परिवार के लोगों ने ग्रामीणों की मदद से नाले में किशोर की तलाश की। करीब पौन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद उसका शव घटना स्थल से कुछ दूरी पर बरामद हो गया। शव मिलते ही परिजन फूट-फूटकर बिलखने लगे।

महिलाएं और पुरुष विलख रहे परिवार वालों को ढांढस बंधा रहे थे। उधर हादसे में किशोर की मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। अचानक घटित हुई घटना की जानकारी परिजनों ने पुलिस को दी और शव का पोस्टमार्टम करवाने से मना कर दिया था। उसके बाद बुधवार की सुबह किशोर के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
  
भाई-बहन में सबसे बड़ा था अर्जुन 
सोतिया नाले में डूबा दो भाईयों और दो बहनों में सबसे बड़ा था। उसका छोटा भाई कल्लू (5) बहन पूजा (8) आरती दो वर्ष की है।

मृतक के पिता मजदूरी कर बच्चों का भरण पोषण करता है। मृतक अर्जुन गांव के स्कूल में पढ़ाई करने के साथ ही जानवरों को चराने का काम करता था। वर्तमान में पिता चंडीगढ़ में मजदूरी करने गए थे। सूचना पाकर बुधवार सुबह वह वापस घर पहुंचे। तब शव का अंतिम संस्कार किया गया। 

सोतिया नाला व दहौरा नाला पार करते डूबे चुके कई लोग
खमरिया थाना क्षेत्र में पड़ने वाले सोतिया नाले में डूबकर किशोर की मौत का कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी सोतिया नाला पार कर खेतों को जाते समय पांच सालों में डूबकर करीब तीन लोगों की मौत हो चुकी है।

पिछले साल भी बरसात के दिनों एक युवक की मौत हो गी थी। इसी तरह पड़ोस में ही बह रहे दहौरा नाले में करीब सात लोगों की मौत हो चुकी है। जिसमें से चौंरा निवासी दो लोगों की डूबकर मौत पिछले साल हो गई थी। खेतों को नाला पार कर जाते समय लोग असमय काल के गाल में समा रहे हैं। मांग किए जाने के बाद भी सोतिया नाले व दहौरा नाले पर पुल नहीं बनवाया जा सका है।

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