बरेली: बच्चों की उपस्थिति कम होने पर 21 स्कूलों के शिक्षकों का वेतन रोका

क्यारा, दमखोदा और बहेड़ी ब्लॉक का मामला, 50 फीसदी से कम हाजिरी पर की कार्रवाई

बरेली: बच्चों की उपस्थिति कम होने पर 21 स्कूलों के शिक्षकों का वेतन रोका

बरेली, अमृत विचार। बच्चों की 50 फीसदी से कम उपस्थिति पर बीएसए ने 21 परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों और अन्य स्टाफ का वेतन और मानदेय रोक दिया है। बीएसए ने आदेश दिया कि स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति 75 फीसदी होगी तभी वेतन बहाल किया जाएगा। शिक्षकों ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि इन दिनाें बीमारियों का प्रकोप होने से कम बच्चे ही स्कूल आ पा रहे हैं।

पिछले करीब दो महीने तक खंड शिक्षा अधिकारियों के निरीक्षण में बहेड़ी, क्यारा और दमखोदा ब्लॉक के स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बहुत कम मिली थी। दमखोदा में नौ स्कूलों में 50 फीसदी से कम छात्र संख्या पाई गई है। क्यारा में चार और बहेड़ी के छह स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बेहद कम रही है। इस रिपोर्ट के बाद बीएसए ने सख्त कार्रवाई की है। जिसके बाद से ही शिक्षक नाराज हो गए हैं। शिक्षक संघ ने भी इस कार्रवाई को गलत बताया है। ऐसे में शिक्षक विरोध भी कर सकते हैं।

संक्रामक रोगों की चपेट में गांव
बदलते मौसम के चलते इन दिनों ग्रामीण क्षेत्रों में मलेरिया, डेंगू और वायरल बुखार तेजी से फैल रहा है। ऐसे में स्कूली बच्चे भी इनकी चपेट में आ रहे हैं। इससे वह स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम होने पर पूरे स्टाफ का वेतन अवरुद्ध करना अव्यवहारिक है। - प्रियंका शुक्ला, जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ

बच्चों की उपस्थिति अधिक से अधिक हो इसके लिए शिक्षक निरंतर प्रयासरत हैं लेकिन इन दिनों बारिश के मौसम में अनेक बीमारियों के प्रकोप के चलते बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस कारण शिक्षकों का वेतन अवरुद्ध किया जाना उचित नहीं। - नरेश गंगवार , जिलाध्यक्ष उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ

बीते करीब दो महीने के अंतराल में स्कूलों में अधिकारियों के निरीक्षण में बच्चों की संख्या 50 फीसदी से भी कम रही थी। छात्र संख्या अधिक हो इसके लिए लंबे समय से शिक्षकों को निर्देशित किया जा रहा है। फिर भी उपस्थिति कम होना उचित नहीं। - संजय सिंह, बीएसए

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