अयोध्या में राम मंदिर का सिंहद्वार बनकर तैयार, प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियों को लेकर हुआ मंथन 

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मंदिर निर्माण समिति की दो दिवसीय बैठक समाप्त

अयोध्या, अमृत विचार। राम मंदिर निर्माण का कार्य अब अंतिम चरण में है। गर्भगृह के बाद राम मंदिर का सिंहद्वार भी बनकर तैयार हो गया है। परकोटा और यात्री सुविधा केंद्र को नवंबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र की अध्यक्षता में चल दो दिवसीय बैठक शनिवार को समाप्त हो गई।  
 
बैठक के दूसरे और अंतिम दिन जिला प्रशासन के साथ हुई बैठक में प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियों को लेकर मंथन किया गया। जनवरी 2024 में भगवान राम लला विराजमान होंगे। इसको लेकर लगातार बैठकें की जा रही हैं । राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह के पहले गर्भगृह की फर्श निर्माण का कार्य पूरा कर लिया गया है। मंदिर के बाकी हिस्सों में फर्श के निर्माण का कार्य जल्द शुरू होगा। राम लला के प्राण प्रतिष्ठा का प्रसाद प्रत्येक राम भक्तों को मिले, इस पर विस्तार से चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा में पूरे देश से विभिन्न संप्रदाय से जुड़े हुए चार हजार संत शामिल होंगे। खेल व कला क्षेत्र से जुड़े लोग , साहित्यकार, भूतपूर्व सैनिक, सेवानिवृत पुलिस और सेना के अधिकारी भी शामिल होंगे।
 
उन्होंने बताया कि देश के महत्वपूर्ण मंदिरों के प्रतिनिधि, राम जन्मभूमि मंदिर के लिए जीवन बलिदान करने वाले लोगों के वंशज, अनुसूचित जाति, जनजाति, घुमंतू जाति आदि करीब ढाई हजार लोगों को प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर आमंत्रित करने के लिए सूची बनाई जा रही है। जिससे कि वो भी प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर राष्ट्रीय गौरव के आयोजन के साक्षी बन सकें ।

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