इटावा सफारी में भालू भोलू की मौत, तीन महीने में 10 वन्य जीवों की हो चुकी मौत, पोस्टमार्टम के लिए शव को मथुरा भेजा गया
इटावा सफारी पार्क में भालू भोलू की मौत।
इटावा सफारी पार्क में भालू भोलू की मौत। तीन महीने में सफारी में 10 वन्य जीवों की मौत हो चुकी। भालू के शव को पोस्टमार्टम के लिए मथुरा भेजा गया है।
इटावा, अमृत विचार। इटावा सफारी पार्क में गुरुवार की दोपहर नर भालू ‘भोलू’ की मौत हो गई। यह भालू 13 साल का था। भालू के शव को पोस्टमार्टम के लिए मथुरा भेजा गया है। तीन महीने में सफारी में शावक, तेंदुआ, भालू और चीतल समेत 10 वन्य जीवों की मौत हो चुकी है।
यह नर भालू 6 मार्च 2017 को भगवान बिरसा मुण्डा बायोलॉजिकल पार्क, रांची, झारखण्ड से नबाव वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान लखनऊ लाया गया था। वहां से 3 अप्रैल 2017 को भोलू को इटावा भालू सफारी में लाया गया। सफारी में आने के बाद यह भालू क्रोनिक हैपेटाइटिस एवं टीबी से ग्रसित पाया गया। सितम्बर 2017 में टीबी की जांच में पुन: पॉजिटिव पाया गया।
27 सितम्बर को भालू पिछले पैरों से खड़ा नहीं हो पा रहा था। इसका इलाज सफारी पार्क के पशु चिकित्सक कर रहे थे। सफारी की निदेशक दीक्षा भंडारी ने बताया कि गुरुवार सुबह भालू आगे के पैरों से भी चलने में असमर्थ हो गया। उसका शरीर पैरालिसिस की चपेट में आ गया। सफारी प्रशासन ने बताया कि सघन इलाज व निगरानी के बावजूद भालू की 28 सितम्बर अर्थात गुरुवार को दोपहर 12 बजे मृत्यु हो गयी। इसके शव को पोस्टमार्टम के लिए मथुरा भेजा गया है।
भालू सफारी में सिर्फ कालिया बचा
भालू सफारी में अब सिर्फ एक भालू कालिया बचा है। सफारी में पर्यटकों के देखने के लिए अब सिर्फ कालिया भालू ही मिलेगा। शुरुआत में यहां चार भालू लाए गए थे। एक-एक करके तीन की मौत हो जाने के बाद अब सिर्फ कालिया भालू बचा है।
