Pitru Paksha 2023: पितृपक्ष आज से शुरू, विधान से कर्म करने से पितृ होते प्रसन्न, ऐसे करें श्राद्ध
कानपुर में पितृपक्ष आज से शुरू हो गए।
कानपुर में पितृपक्ष आज से शुरू हो गए। पहले दिन पूर्णिमा का श्राद्ध होगा। पितृपक्ष में तिथियों का विशेष महत्व होता है। इसलिए श्राद्धकर्म विधान से करना चाहिए।
कानपुर, अमृत विचार। पितृपक्ष में होने वाले श्राद्ध कर्म शुक्रवार से शुरू होंगे। पहले दिन पूर्णिमा का श्राद्ध होगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार ऐसी मान्यता है कि पितृपक्ष में श्राद्धकर्म करने से पितृ लोक में पूर्वज प्रसन्न होते हैं। इसलिए श्राद्धकर्म बहुत सावधानी पूर्वक और नियम से करना चाहिए।
ज्योतिषाचार्य पं. मनोज कुमार द्विवेदी व ज्योतिषाचार्य पं. संतोष जी पाद्या ने बताया कि पितृ पक्ष में तिथियों का विशेष महत्व होता है। जैसे जिन पूर्वजों की देहांत जिस तिथि पर होता है, उसका श्राद्ध भी उसी तिथि पर किया जाता है।
ऐसे करें श्राद्ध
पितरों का श्राद्ध करने से पहले स्नान करना चाहिए और स्वच्छ वस्त्र धारण करना चाहिए। इसके बाद कुश से बनी अंगूठी ‘पैंती’ पहननी चाहिए। इसका उपयोग पूर्वजों का आह्वान करने के लिए किया जाता है।
पिंड दान के एक भाग के रूप में जौ के आटे, तिल और चावल से बने गोलाकार पिंड को भेंट करना चाहिए। श्राद्ध कर्म में पूरी श्रद्धा से कर्मकांडियों को दान देने के साथ ही गरीब, जरूरतमंद की सहायता भी पुण्य के लिए की जा सकती है। इसके साथ-साथ गाय, कुत्ते, कौवे आदि पशु-पक्षियों के लिये भी भोजन का एक अंश जरुर भोग के रूप में निकालना चाहिए।
