बदायूं: डॉक्टर करता रहा एसआई से नोकझोंक, महिला की हो गई मौत
करियामई/बदायूं। उत्तर प्रदेश में ज्यादातर भ्रष्ट पुलिसकर्मियों की वजह से पुलिस विभाग की फजीहत होती आई है, लेकिन इस वीडियो से साबित हो रहा है कि कुछ ऐसे पुलिसकर्मी भी हैं जो अपनी ड्यूटी बखूबी निभाते हैं। ऐसा ही एक वायरल वीडियो में देखने को मिल रहा है। बदायूं के थाना उघैती में एसआई सुशील …
करियामई/बदायूं। उत्तर प्रदेश में ज्यादातर भ्रष्ट पुलिसकर्मियों की वजह से पुलिस विभाग की फजीहत होती आई है, लेकिन इस वीडियो से साबित हो रहा है कि कुछ ऐसे पुलिसकर्मी भी हैं जो अपनी ड्यूटी बखूबी निभाते हैं। ऐसा ही एक वायरल वीडियो में देखने को मिल रहा है। बदायूं के थाना उघैती में एसआई सुशील पवार ने हादसे में घायल महिला की जान बचाने के लिए जी जान लगा दिया, लेकिन सीएचसी पर तैनात एक स्वास्थ्यकर्मियों और डॉक्टर की लापरवाही के चलते महिला की मौत हो गई।
दरअसल, बदायूं इस्लामनगर हाईवे पर नरैनी चौराहे के पास एक कैंटर ने बाइक सवार तीन लोगों को टक्कर मार दी थी। हादसे में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर पहुंचे थाना उघैती के एसआई सुशील पवार सरकारी जीप से घायल मां-बेटे को लेकर सीएचसी बिल्सी पहुंचे। यहां करीब आधे घंटे तक वह अस्पताल कर्मियों से घायलों को देखने की गुहार लगाते रहे लेकिन किसी ने सुध नहीं ली।
ऐसे में खुद एसआई महिला सिपाहियों की मदद से गंभीर रूप से घायल महिला को स्ट्रेचर पर सीएचसी के अंदर ले गए। यहां जब उन्होंने महिला के तुरन्त उपचार की गुहार लगाई तो अस्पताल में एक ही डॉक्टर होने की बात करते हुए डॉक्टर एसआई से नोकझोंक करने लगा और इस बीच घायल महिला ने दम तोड़ दिया। वीडियो में एसआई सुशील पवार बोल रहे हैं कि भले ही महिला की मौत हो जाती लेकिन डॉक्टर एक बार देख तो लेते।
एसआई सुशील पवार का कहना है कि घटना के समय महिला जिंदा थी। सीएचसी बिल्सी में सरकारी जीप में वह महिला को करीब 20 मिनट तक रखे रहे। लेकिन बार-बार गुहार लगाने के बाद भी कोई महिला के उपचार के लिए तैयार नहीं हुआ। समय पर उपचार मिल जाता तो महिला की जान बच सकती थी। उन्होंने कहा डॉक्टर ने हमारे साथ अभद्र व्यवहार करते हुए नोकझोंक भी की।
वहीं, थाना प्रभारी उघैती विशाल प्रताप सिंह ने बताया की सीएससी बिल्सी में वायरल वीडियो का नोकझोंक का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। फिलहाल दुर्घटना मामले में डीसीएम को कब्जे में ले लिया है।
