स्पाइसजेट को पहली तिमाही में 593 करोड़ रुपये का नुकसान
नई दिल्ली। किफायती विमान सेवा कंपनी स्पाइसजेट को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 593.41 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 261.67 करोड़ रुपये का शुद्ध एकल मुनाफा कमाया था। यह लगातार दूसरी तिमाही है जब स्पाइसजेट को नुकसान उठाना पड़ा है। इससे पहले 31 …
नई दिल्ली। किफायती विमान सेवा कंपनी स्पाइसजेट को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 593.41 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 261.67 करोड़ रुपये का शुद्ध एकल मुनाफा कमाया था। यह लगातार दूसरी तिमाही है जब स्पाइसजेट को नुकसान उठाना पड़ा है।
इससे पहले 31 मार्च 2020 को समाप्त तिमाही में उसे 807.08 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। स्पाइसजेट के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अजय सिंह ने कहा कि यह विमानन क्षेत्र के लिए सबसे बड़ा संकट है।
पहली तिमाही में अधिकतर कालखंड के लिए उड़ानें प्रतिबंधित रहीं। प्रतिबंध हटने के बाद भी आंशिक उड़ानें ही शुरू हुईं तथा कोविड-19 महामारी के कारण मांग कम रही।
उन्होंने कहा कि कंपनी ने काफी अच्छी तरह से वापसी की है। दोबारा उड़ानें शुरू होने के बाद भरी सीटों का उसका अनुपात सबसे अधिक रहा और स्पाइसजेट देश की नबंर एक मालवहन कंपनी बन कर उभरी। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में मालवहन और यात्री परिवहन सेवाओं में उसका प्रदर्शन बेहतर होगा।
कोविड-19 महामारी के कारण 25 मार्च से दो महीने तक सभी नियमित यात्री उड़ानों पर प्रतिबंध रहा। सरकार ने 25 मई से दोबारा घरेलू यात्री उड़ानों की अनुमति दी। शुरुआत में सिर्फ एक-तिहाई उड़ानों की ही अनुमति दी गई थी जिसे दो बार में बढ़ाकर अब 60 प्रतिशत कर दिया गया है।
स्पाइसजेट के मंगलवार को जारी वित्तीय परिणामों के अनुसार, पहली तिमाही में परिचालन से उसकी आय 83.46 प्रतिशत घटकर 483.24 करोड़ रुपये रह गई। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में उसने 2,921.79 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया था। इस दौरान उसका कुल राजस्व भी 3,148.84 करोड़ रुपये से घटकर 709.76 करोड़ रुपये रह गया।
उड़ानें बंद रहने और वेतन-भत्तों में कटौती तथा कर्मचारियों को बिना वेतन अवकाश पर भेजने के कारण विमान ईंधन और कर्मचारियों पर होने वाला व्यय भी बेहद कम रहा। अन्य मदों में भी खर्च में कमी आने से आलोच्य तिमाही में कंपनी की कुल लागत 2,887.17 करोड़ रुपये से कम होकर 1,303.17 करोड़ रुपये पर आ गई।
उड़ानों पर प्रतिबंध के कारण कंपनी की यात्रा परिवहन सेवा जहां बुरी तरह प्रभावित हुई वहीं मालवहन सेवा की मांग बढ़ने से कंपनी का इससे प्राप्त होने वाला राजस्व आठ गुणा हो गया।
यात्री परिहवन सेवा का राजस्व एक साल पहले के 2,981.18 करोड़ रुपये से घट कर 348.82 करोड़ रुपये पर आ गया। मालवहन सेवा से प्राप्त आमदनी 20.89 करोड़ रुपये से बढ़ कर 165.87 करोड़ रुपये पर पहुंच गई।
