Asian Games 2023 : Aditi Ashok आखिरी दौर में फिसलीं, महिला गोल्फ में रजत पदक से होना पड़ा संतुष्ट...जानिए क्या बोलीं?
हांगझोऊ। भारतीय गोल्फर अदिति अशोक एशियाई खेलों की महिला गोल्फ स्पर्धा के आखिरी दिन रविवार को यहां अपनी लय बरकरार नहीं रखी सकी और पांच ओवर 77 का निराशाजनक कार्ड खेलकर रजत पदक अपने नाम किया। महिला गोल्फ में यह भारत का पहला पदक है। अदिति के पास तीसरे दौर के बाद तालिका में शीर्ष पर सात शॉट की बड़ी बढ़त थी। उन्होंने एक बर्डी के मुकाबले चार बोगी और एक डबल बोगी कर के इस बढ़त को गंवा दिया और दूसरे स्थान पर खिसक गयी।
पच्चीस साल की खिलाड़ी का कुल स्कोर 17 अंडर 271 रहा। थाईलैंड की अर्पिचया युबोल ने 68 का कार्ड खेल कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। कोरिया की ह्युनजो यू ने अपना सप्ताह का सर्वश्रेष्ठ 65 का कार्ड खेलकर कांस्य पदक जीता। इस स्पर्धा में भाग ले रही भारत की दो अन्य महिलाएं प्राणवी उर्स (13वां स्थान) और अवनी प्रशांत (संयुक्त 18वां स्थान) ने भी आखिरी दिन निराश किया। प्राणवी ने 75 जबकि अवनी ने 76 का कार्ड खेला जिससे भारत टीम स्पर्धा में चौथे स्थान पर खिसककर पदक से चूक गयी।
🔊Hear it from the silver medalist, @aditigolf 🥈
— SAI Media (@Media_SAI) October 1, 2023
On her sport Golf and what a SILVER means for India in this discipline 🤩
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अदिति ने गोल्फ में पदक जीतने के बाद कहा, भारत के लिए गोल्फ में पदक जीतना काफी अहम है। उम्मीद है कि इससे देश में अधिक समर्थन और मान्यता मिलेगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ महिला टीम स्पर्धा में भी हम मामूली अंतर से पदक से चूक गये। हम चौथे स्थान पर रहे लेकिन यह सब सकारात्मक है।’’ अदिति एशियाई खेलों की सफलता को पेरिस 2024 ओलंपिक में दोहराना चाहती है। टोक्यो ओलंपिक में चौथे स्थान पर रह कर पदक से चूकने वाली इस खिलाड़ी ने कहा, ‘‘इस प्रकार के आयोजन नियमित गोल्फ टूर्नामेंटों से बहुत अलग हैं। यहां अच्छा प्रदर्शन करने में सक्षम होना, खिलाड़ियों के लिए बने गांव में रहना, ऐसे कोर्स पर खेलना जो मैंने पहले कभी नहीं खेला है, उम्मीद है कि यह अनुभव आगे (पेरिस में) काम आयेगा।’’
प्रतियोगिता के चौथे दिन 77 के निराशाजनक स्कोर के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘यह अच्छा दिन नहीं था। मैंने खराब प्रदर्शन किया। लेकिन कुल मिलाकर अगर मैं अपने चार दिन के स्कोर को देखूं तो यह काफी अच्छा है। प्रतियोगिता के शुरुआती दिन मैंने इस स्कोर के बारे में सोचा नहीं था।’’ पुरुष वर्ग में अनिर्बान लाहिड़ी (65-67-74-68) संयुक्त 12वें, खलिन जोशी (70-69-69-73) संयुक्त 27वें, एसएसपी चौरसिया (67-72-68-75) संयुक्त 28वें और शुभंकर शर्मा (68-69-76-73) 32वें स्थान पर रहे। भारतीय पुरुष टीम सातवें स्थान पर रही। टीम स्पर्धा में कोरिया ने स्वर्ण, थाईलैंड ने रजत और हांगकांग ने कांस्य पदक जीता।
पुरुषों के व्यक्तिगत स्पर्धा का स्वर्ण हांगकांग के ताइची खो (62-60-70-69) ने 27-अंडर के स्कोर के साथ अपने नाम किया। कोरिया के सुंगजे इम (66-65-66-65) ने 26-अंडर के साथ रजत पदक जबकि ताइपै के चिएन-याओ हंग (65-63-67-69) ने 24-अंडर के साथ कांस्य पदक जीता। अदिति स्वर्ण पदक से चूक गयी लेकिन दो बार की इस ओलंपिक खिलाड़ी ने अपने प्रदर्शन से प्रभावित किया। यह गोल्फ में भारत का चौथा व्यक्तिगत पदक था। लक्ष्मण सिंह और शिव कपूर ने 1982 और 2002 सत्र में स्वर्ण पदक जीता था जबकि राजीव मेहता ने नयी दिल्ली (1982) में रजत पदक जीता था। लक्ष्मण, राजीव, ऋषि नारायण और अमित लूथरा की भारतीय टीम ने 1982 में टीम स्वर्ण पदक जीता था। भारत ने दोहा और ग्वांगझू में 2006 और 2010 सत्र में टीम स्पर्धा का रजत पदक हासिल किया था।
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