बरेली: बीईओ पर मेडिकल लीव पर रही शिक्षिका का वेतन रुकवाने का आरोप
बरेली, अमृत विचार। एक शिक्षिका के पति ने खंड शिक्षा अधिकारी पर पत्नी का मानिसक उत्पीड़न करने और मेडिकल लीव के बाद भी वेतन रुकवाने का आरोप लगाया है। मामले की शिकायत मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर की है। प्रकरण में उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की गई है। वहीं, शिक्षिका ने बीएसए से वेतन जारी करने की गुहार लगाई है।
आलमपुर जाफराबाद ब्लॉक में एआरपी पद पर कार्यरत रहीं शिक्षिका पूजा रानी सिंह के पति डाॅ. वीके सिसौदिया ने सीएम को भेजे पत्र में बताया कि जिन दिनों उनकी पत्नी अवकाश पर थीं, उन्हीं दिनों बीआरसी पर प्रशिक्षण देने का दबाव बनाया गया। आरोप है कि विरोध करने पर सीसीएल के दौरान रात को 10 बजे के बाद बीईओ ने फोन कर शिक्षिका को परेशान करने की धमकी दी। निराधार शिकायतों के आधार पर तत्कालीन बीएसए ने शिक्षिका को एआरपी पद से मुक्त कर दिया।
वहीं, शिक्षिका पूजा रानी सिंह ने बीएसए को दिए पत्र में बताया कि 27 जुलाई से वह निरंतर चिकित्सा अवकाश पर हैं। 29 जुलाई को पोर्टल पर दोबारा से आवेदन किया, लेकिन बीईओ ने अस्वीकृत कर दिया। 2 अगस्त को फिर से आवेदन करने पर स्वीकृति मिली। बीईओ ने उन्हें अनुपस्थित दिखाते हुए अगस्त माह को वेतन रोक दिया। मामले में खंड शिक्षा अधिकारी मुकेश कमल भारती का कहना है कि 42 से अधिक चिकित्सा अवकाश की अनुमति वह नहीं दे सकते हैं और वेतन उन्होंने नहीं रुकवाया है बल्कि विभागीय अधिकारियों को शिक्षिका की उपस्थिति के बारे में सूचित किया है।
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