जालौन: यूएस में इंजीनियर परिवार की संदिग्ध अवस्था में मौत, पति-पत्नी समेत दो बच्चों की मौत की खबर से परिजन बेहाल

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Edited By Amrit Vichar
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जालौन। यूएस में रह रहे सॉफ्टवेयर इंजीनियर और उसकी पत्नी समेत दोनों बच्चों की एक साथ संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई। यह खबर जब उरई में रह रहे भाई बंधुओं के पास आई तो यहां पर सभी बेहाल हो गए। रोना बिलखना शुरू हो गया। पड़ोसी भी इस घटना से गमगीन हो गए। मोबाइल से वहां की पुलिस से संपर्क करने का प्रयास किया। विदेश में रह रहे अन्य रिश्तेदारों को सूचित किया गया। वहीं दूसरी तरफ वहां की पुलिस घटना के बावत तहकीकात करने में जुटी है। 

 कानपुर आईआईटी से बीटेक करने वाले तेजप्रताप सिंह 45 वर्ष निवासी मोहल्ला नया राजेंद्र नगर बम्बी रोड उरई सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे। वर्ष 2009 से वह यूएस के न्यू जर्सी सिटी प्लेंसबोरो में अपनी पत्नी सोनल 40 वर्ष बेटे आयुष 10 वर्ष और बेटी ऐमी 7 वर्ष के साथ रह रहे थे। बुधवार रात को अपने आवास पर चारों लोग संदेहजनक परिस्थितियों में मृत पाए गए। वहां की पुलिस और डिटेक्टिव एजेंसी ने पूरे घर को सीज करते हुए जांच शुरू कर दी है। 

सॉफ्टवेयर इंजीनियर के परिवार के साथ हुई घटना की खबर मृतक तेजप्रताप सिंह के यूएस के न्यू जर्सी में ही रह रहे कानपुर निवासी साले सत्यम सिंह को न्यूज चैनल के माध्यम से हुई तो उन्होंने फौरन यह जानकारी उरई में रह रहे परिवार को दी और स्वयं मौके पर जाने के लिए निकल पड़े। सत्यम की सूचना के आधार पर अभी मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। सॉफ्टवेयर इंजीनियर व उसके परिवार के साथ हुई घटना की सूचना उरई के मुहल्ला राजेंद्र नगर बंबी रोड पर रह रहे परिजनों को हुई तो घर में कोहराम मच गया। पड़ोसी भी इस घटना से गमगीन हो गए।

वर्ष 2019 में अंतिम बार उरई आया था परिवार

उरई। सॉफ्टवेयर इंजीनियर तेजप्रताप के बड़े विवेक प्रताप सिंह ने बताया कि मेरा भाई उरई आखिरी बार वर्ष 2019 में आया था। उस समय बड़े भाई रिटायर्ड कर्नल आनंद प्रताप सिंह का निधन हो गया था। भाई के निधन की खबर पर वह आया हुआ था। इसके बाद फोन पर ही संवाद होता रहा लेकिन यहां पर वह आया नहीं था। 

वहीं पर खरीद लिया था फ्लैट

उरई। मृतक के उरई निवासी भाई का कहना है कि वह पढ़ने में शुरू से ही बहुत होशियार रहा। वह एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर था। वहीं पर उसने एक फ्लैट खरीद लिया था और उसी में रह रहा था। घटना की खबर उसके साले सत्यम परिहार के द्वारा मालूम हुई। सत्यम परिहार भी वहीं इंजीनियर था। दोनों के बीच में करीब पांच सौ किमी की दूरी थी। वह खबर मिलने के बाद वहां के लिए रवाना हो गया है।

लंदन से देर रात तक पहुंच जाएगी बहन

उरई। मृतक के भाई ने बताया कि लंदन में मेरी बहिन बिन्दू सिंह रहती है। वह पेशे से डॉक्टर है उसे जानकारी मिली तो वह फ्लाइड से रवाना हो गई है और रात में वहां पहुंच जाएगी।इसके बाद ही वहां की हकीकत सामने आएगी।

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