Kanpur News: हैलट अस्पताल में दवाओं का टोटा, प्राचार्य ने उपमुख्यमंत्री से ब्रजेश पाठक लगाई गुहार

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर के हैलट अस्पताल में दवाओं का टोटा।

कानपुर के हैलट अस्पताल में दवाओं की कमी दिख रही है। इस संबंध में प्राचार्य ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से गुहार लगाई।

कानपुर, अमृत विचार। हैलट में इस समय ग्लूकोज से लेकर जरूरी दवाओं तक की कमी है। ओपीडी में आने वाले मरीजों को पर्चे पर लिखी सभी दवाएं नहीं मिल रही हैं। मरीज या उनके तीमारदार बाहर से दवा खरीदने को मजबूर हैं। इस संबंध में प्राचार्य ने उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से शिकायत की है। 

प्रदेश के कई जिलों में इस समय वायरल व मौसमी बुखार और मच्छरजनित रोगों की वजह से मरीजों की बाढ़ है। कानपुर के साथ ही कन्नौज, हमीरपुर, हरदोई, फतेहपुर, बांदा, शुक्लागंज, कानपुर देहात समेत अन्य जिलों से मरीज इलाज के लिए हैलट पहुंच रहे हैं। मरीज बढ़ने से दवा घट गई है।

डॉक्टर दवा ही ऐसी लिखते जो हैं नहीं

दवा वितरण कक्ष में जानकारी की गई तो पता चला कि पैरासिटामोल, ओमेग, विटामिन व कैल्शियम की दवाएं दी जा रही हैं। कॉरपोरेशन से मिली सभी दवा दी जा रही हैं। डॉक्टर दवा ही ऐसी लिखते हैं, जो यहां न हो। दवा वितरण कक्ष से मरीजों को चर्म रोग, नेत्र रोग, नाक-कान व गला, सर्जरी व आर्थो ओपीडी के पर्चे पर लिखी दवा न के बराबर मिल रही है। वार्डों में तो ग्लूकोज की बोतल का भी संकट है। 

उपमुख्यमंत्री से की शिकायत 

जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संजय काला ने बताया कि दवाओं की कमी के संबंध में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से शिकायत की गई है। तय हुआ है कि मेडिकल कॉलेज में दवा सप्लाई के संबंध में बने जिओ में बदलाव किया जाएगा। वहीं, कुछ दानदाताओं से भी इस संबंध में बात की जा रही है। 

मेडिकल स्टोर वालों की चांदी 

हैलट के दवा वितरण कक्ष में दवाएं न मिलने की वजह से मेडिकल स्टोर वालों की चांदी है। मजबूरन मरीज व तीमारदारों को मेडिकल स्टोरों से महंगी दवा खरीदनी पड़ रही है। हैलट अस्पताल में दवा कंपनियों के एमआर और मेडिकल स्टोर के दलालों का भी बोलबाला रहता है। वह दिनभर ओपीडी परिसर में टहलते रहते हैं और मरीजों को बरगलाकर अपने मेडिकल स्टोर पर दवा लेने को भेजते हैं। साथ ही एमआर डॉक्टरों से सांठगांठ कर उनको मुनाफे का लालच देते हैं, जिस वजह से कुछ डॉक्टर एमआर द्वारा बताई गई दवाओं को ही लिखते हैं जो हैलट में उपलब्ध नहीं होतीं। 

 

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