प्रयागराज: एयर शो का हुआ रिहर्सल, पैरा जंपर ने 8000 फीट से नीचे लगाया जंप
प्रयागराज। संगमनगरी में 8 अक्टूबर को होने वाले एशिया के सबसे बड़े एयर-शो से पहले भारतीय वायुसेना का शुक्रवार को फुल ड्रेस रिहर्सल मध्य वायु कमान मुख्यालय बमरौली में आयोजित किया गया है। इस दौरान 150 किलोमीटर की रफ्तार से पैरा जंपर 8000 फीट की ऊंचाई से नीचे जंप लगाई।
जवानों ने चलती जिप्सी के पूरे पार्ट को खोलकर अलग कर दिया। देखते ही देखेते फिर उसी तरह से बांध दिया। यह पूरा सिलसिला पांच मिनट मे किया गया। वहीं सूर्य किरण की टीम ने आसमान में धुएं के जरिए तेजस की आकृति बनाये। जबकि सारंग हेलिकॉप्टर दिल और उसके बीच तीर का निशान बनाया।
भारतीय वायुसेना का 91वां स्थापना दिवस 8 अक्टूबर को प्रयागराज में बड़े पैमाने पर मनाया जाएगा। इस एयर शो में तेजस जैसे 120 विमान और हेलिकॉप्टर करतब दिखाते नजर आएंगे। इससे पहले वायुसेना के लड़ाकू विमान रिहर्सल कर रहे हैं। इस बारे में सारंग टीम के सीओ एस के मिश्रा ने बताया कि टीम 12 मिनट तक संगम के ऊपर हवाई करतब दिखाएगी। टीम में महिला कर्मी स्क्वॉड्रन लीडर क्षिप्रा सहित 18 लोग शामिल हैं।
सूर्य किरण टीम से आलोक कुमार ने बताया कि हवा में एक साथ 9 विमान फ्लाई पास्ट करेंगे। इस दौरान हवा में तेजस, मिग-29 से धुएं के जरिए डॉल्फिन लीप, डायमंड रिंग जैसी तमाम आकृतियां बनाकर अपने हैरतेंगेज करतब दिखाएंगे।
देश भर से आई टीम ने संभाला मोर्चा
एयर शो को ऐतिहासिक बनाने के लिए पूरी एयरफोर्स ऑफिसर्स की देशभर से आई टीम ने मोर्चा संभाला है। संगम क्षेत्र को पहले से ही नो फ्लाइंग जोन घोषित कर दिया गया है। संगम क्षेत्र को पूरी तरह से खाली कर दिया गया है। संगम में हनुमान मंदिर के सामने जो भी अस्थाई दुकानें लगी थी। प्रशासन ने उस जगह को खाली करा दिया है। किले के आस-पास जो जमीन खराब थी। प्रशासन ने उसे भी जेसीबी और पोकलैंड मशीन लगाकर समतल कराते हुये सही करा दिया है।
एयर-शो में 120 जहाज दिखाएंगे करतब
8 अक्टूबर को एयर शो में लड़ाकू विमान मिग-21 आखिरी बार उड़ान भरेंगे। इनकी जगह लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट मार्क-1ए यानी तेजस लेंगे। मिग-21 अपने अंतिम फ्लाईपास्ट में 'बादल' नामक एक तीर के फॉर्मेशन में दो राफेल के साथ एक साथ उड़ान भरेंगे। एयर शो मे 120 जहाज अपने कर्तब दिखाएंगे। एयर शो से पहले भारतीय वायुसेना के शौर्य ने संगम पर हर किसी का ध्यान आकर्षित किया है।
चिनूक हेलिकॉप्टर ने संगम के अरैल घाट और रामघाट पर लहरों से संवाद किया। हेलिकॉप्टर के झोंके से उठती लहरों के साथ समुद्र तट सरीखा दृश्य नजर आया। राफेल ने कई बार मिसाइल गिराने का सीन दोहराया तो आसमान में रिंग बनाकर अपने करतब दिखाए। ग्वालियर एयरबेस से उड़ान भरकर राफेल आसमान को चीरते हुए संगम पहुंचा। इस दौरान विमान की गर्जना और उसकी रफ्तार ने पिंडदान करने वाले लोगों को देखने के लिए मजबूर कर दिया।
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