प्रयागराज: रिजवान के दोस्त के घर पहुंची एसटीएफ और एटीएस, खंगाल रही सबूत

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Edited By Amrit Vichar
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प्रयागराज, अमृत विचार। लखनऊ पुलिस की स्पेशल सेल ने आतंकी मॉड्यूल के भंडाफोड़ के दौरान जिस रिजवान अशरफ को गिरफ्तार किया था, उसका कनेक्शन नैनी कोतवाली के कसाई मोहल्ले में निकला है। रिजवान के नैनी में कनेक्शन होने की खबर को अमृत विचार ने गुरुवाऱ के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था।

जिसके बाद खूफिया एजंसिया और दिल्ली पुलिस ने सतर्कता शुरु कर दी थी। शनिवार की सुबह एसटीएफ, एटीएस नैनी कसाई मोहल्ला पहुंची। जहां करीब चार घंटे तक छानबीन चलती रही। टीम गोपनीय तरीके से सबूत जुटाने में लगी है। फिलहाल जानकारी में पता चला है कि रिजवान किराये का कमरा लेकर रह रहा था।

जानकारी के मुताबिक मो. रिजवान अशरफ का जन्म सऊदी अरब के जेद्दा में हुआ था। उसका अब्बा मोहम्मद नजीब अशरफ सऊदी अरब में शिपिंग कंपनी में क्लर्क था। मां शमा अशरफ एक गृहिणी है। रिजवान के चार भाई और दो बहन हैं। उसकी प्रारंभिक शिक्षा फतेहपुर शहर के नूरुल हुदा इंग्लिश मीडियम स्कूल और जामिया तुल फलाह, आजमगढ़ में हुई थी। 2017 में गाजियाबाद, नोएडा के कालेज से आइटी में बीटेक की पढ़ाई की। रिजवान ने कंप्यूटर साइंस से पीएचड़ी कर रहा है। 

रिजवान के तीन बच्चे है। एक बात और सामने आई है कि रिजवान नैनी के खान चौराहे के पास अपने एक रिश्तेदार के घर में काफी किराए का कमरा लेकर परिवार के साथ रह रहा था। बतादें कि शनिवार को नैनी के जिस कसाई मोहल्ले में एसटीएफ और एटीएस ने छापेमारी की है वह मकान रिजवान के दोस्त हसन पुत्र असद का है। इस मामले में जिस सपा के प्रदेश सचिव मो सारिक का नाम सामने आया है उनके चाचा असद भी कैम्पस में रहते है। उसी कैम्पस में कई परिवार रहते है। रिजवान का दोस्त हसन भी यही रहता है। फिलहाल टीम ने चार लोगो को हिरासत मे लिया है। फिलहाल अभी जांच की जा रही है। 

दो साल पहले करैली में मिला था कनेक्शन

दो साल पहले करेली में आईएसआईएस समर्थित आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया था। उसमे पता चला था कि इस मॉड्यूल को तैयार करने में वासियाबाद के एक परिवार का हांथ था। जिसमे पांच लोग शामिल थे। इस मामले में सबसे पहले करेली के सी ब्लॉक निवासी जीशान कमर को गिरफ्तार किया गया था और उसके कुछ दिन बाद मास्टरमाइंड हुमैदुर्ररहमान को गिरफ्तार करते हुए मामले का खुलासा किया गया था।

इससे पहले जीशान की निशानदेही पर एटीएस ने नैनी के डांडी स्थित पोल्ट्री फार्म में छिपाकर रखी गई आईईडी डिवाइस भी बरामद की थी। जांच में खुलासा हुआ था कि दुबई में बैठा ओसामा का पिता ओसैदुर्रहमान करेली में तैयार हो रहे इस मॉड्यूल के लिए आईएसआई के हैंडलर के तौर पर काम करता था। उसके इशारे पर ही हुमैदुर्रहमान व ओसामा मॉड्यूल तैयार करने में जुटे थे।

बम बनाने में एक्सपर्ट है आतंकी रिजवान
आतंकी मो. रिजवान आजमगढ़ के मूल निवासी है। मोहम्मद रिजवान अशरफ ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। वह लिक्विड बम बनाने का एक्सपर्ट है। कुछ साथियों के साथ बम बनाकर वह उसकी टेस्टिंग भी कर चुका था। प्रयागराज शहर में रहने वाले कुछ लोग उससे जुड़े थे। उन लोगों के रिजवान से कनेक्शन होने के साथ अन्य तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। 

आईएसआईएस का है सदस्य
पूछताछ में पता चला है कि रिजवान अशरफ आतंकी संगठन आइएसआइएस का सदस्य है। वह शाहनवाज आलम सहित आतंकी माड्यूल के शेष सदस्यों के तरह ही विदेश में मौजूद हैंडलर के संपर्क में था। रिजवान ने पाकिस्तानी हैंडलर के माध्यम से आईएसआईएस में कसम ली थी। वह शाहनवाज आलम और रिजवान के संपर्क में आया और फिर आतंकवादी घटनाओ को अंजाम देने की साजिश में शामिल हो गया था।

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