बरेली: वर्षों से रेल टिकट विंडो पर नहीं स्टाफ, जीएम बोले यूटीएस अपनाएं

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। जंक्शन के द्वितीय प्रवेश द्वार को लावारिस हाल में छोड़ दिया गया है। यहां टिकट विंडो पर स्टाफ तक नहीं है। निरीक्षण को आए जीएम से सवाल किया गया तो बोले कि लोगों को यूटीएस इस्तेमाल करना चाहिए।

जंक्शन का द्वितीय प्रवेश द्वार सुभाषनगर साइड में है। प्लेटफार्म पांच और छह पर ट्रेन में सवार होने के लिए यात्री इसी द्वार से अधिकतर आते-जाते हैं। यहां टिकट विंडो संभालने का जिम्मा उत्तर रेलवे मुरादाबाद मंडल के वाणिज्य विभाग का है। वर्षों से यहां टिकट विंडो पर वाणिज्य विभाग स्टाफ की तैनाती नहीं कर पाया है। यहां हर समय सिर्फ खानाबदोश देखे जा सकते हैं। 

टिकट विंडो बंद है, लिहाजा इसके आगे बने स्लैब को ही खानाबदोशों आरामगाह बना लिया है। शनिवार को उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक शोभन चौधरी से इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि टिकट विंडो पर अगर स्टाफ नहीं है तो लोगों को यूटीएस ( अनारक्षित टिकट प्रणाली) एप का इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि आजकल इसी का दौर है। वहीं, डीआरएम राजकुमार सिंह ने जीएम को जानकारी दी कि खानाबदोशों को स्टेशन से हटाने के लिए आरपीएफ के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त से कहा गया है।

एटीवीएम खराब तो जेटीबीएस का सहारा
यात्रियों की सुविधा के लिए रेल प्रशासन द्वितीय प्रवेश द्वार पर एटीवीएम ( ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन) लगाई है, लेकिन यह महीनों से खराब है। वहीं, टिकट विंडो पर पहले से ही स्टाफ नहीं है। ऐसे में जेटीबीएस ( जनता टिकट बुकिंग सर्विस) काउंटर ही एक सहारा बचता है। रेल अधिकारी यूटीएस की बात करते हैं तो सवाल यह भी है कि कितने लोगों ने यूटीएस का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। ज्यादातर लोग तो अब भी विंडो से टिकट लेते हैं।

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